JAIPUR | पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर राज्य सरकार को बताए बिना ऑब्जर्वर नियुक्त करने और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) में गंभीर गलतियों का आरोप लगाया है।
बंगाल वोटर लिस्ट विवाद: पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से 58 लाख नाम हटे: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने चुनाव आयोग (Election Commission) पर राज्य सरकार को बताए बिना ऑब्जर्वर नियुक्त करने और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision - SIR) में गंभीर गलतियों का आरोप लगाया है।
HIGHLIGHTS
- पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से कुल 58.20 लाख नाम काटे गए हैं। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के हित में काम करने का आरोप लगाया। मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में 'संदिग्ध मैपिंग' के सबसे ज्यादा मामले। 30 लाख मतदाताओं को सुनवाई के लिए नोटिस भेजे जाने की तैयारी है।
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ममता बनर्जी के चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
ममता बनर्जी ने कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में टीएमसी एजेंटों की बैठक में कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी के हित में काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय बांग्ला भाषा का ज्ञान नहीं है, जिससे वेरिफिकेशन में गलतियां हो रही हैं।
वोटर लिस्ट में हुई बड़ी कटौती
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चुनाव आयोग द्वारा जारी नई लिस्ट के अनुसार, राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.08 करोड़ रह गई है।
इस प्रक्रिया के दौरान कुल 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
संदिग्ध प्रोजेनी मैपिंग का मामला
आयोग की जांच में सामने आया है कि कई मामलों में माता-पिता और बच्चों के बीच उम्र का अंतर असामान्य रूप से कम पाया गया है।
मुर्शिदाबाद जिले में संदिग्ध मैपिंग के सबसे अधिक 4 लाख 7 हजार मामले मिले हैं, जबकि दक्षिण 24 परगना दूसरे स्थान पर है।
मृत और लापता मतदाताओं की पहचान
उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में अब तक 6 लाख से अधिक मृत मतदाताओं की पहचान की जा चुकी है।
करीब साढ़े 4 लाख लोगों को ‘लापता’ की श्रेणी में रखा गया है, जिनके नाम ड्राफ्ट सूची से हटा दिए गए हैं।
नाम कटने पर क्या करें मतदाता?
चुनाव आयोग ने अपील की है कि मतदाता eci.gov.in पर जाकर अपना नाम और EPIC नंबर जरूर चेक कर लें।
जिनका नाम कट गया है, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकते हैं। यह फॉर्म बीएलओ या ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है।
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