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राजस्थान

अलवर में जल संरक्षण की नई पहल: अलवर में जल संरक्षण को मिलेगी नई गति, मंत्री ने किया निरीक्षण

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

संजय शर्मा ने अलवर में एनीकट और बांध निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए।

HIGHLIGHTS

  • मंत्री संजय शर्मा ने भाखेडा, माचिया कुंड और प्रताप बंध सहित कई एनीकटों का निरीक्षण किया।
  • सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ मानसून से पहले पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।
  • प्रताप बंध प्रोजेक्ट के तहत 4.94 करोड़ की लागत से तालाब और चैनल का निर्माण जारी है।
  • इन परियोजनाओं से अलवर के भूजल स्तर में सुधार होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
alwar water conservation projects inspection sanjay sharma

जयपुर | राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर जिले के विकास और जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने गुरुवार को अलवर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जल संचयन से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
मंत्री शर्मा ने नगर निगम, यूआईटी, जल संसाधन और वन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम के साथ इन क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून के आने से पहले जल संरक्षण के सभी ढांचों को पूरी तरह तैयार करना और उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करना था।
उन्होंने भाखेडा एनिकट, माचिया कुंड, जरख वाला एनीकट, भूरा सिद्ध एनिकट और प्रताप बंध जोहड़ी जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया।

मानसून से पहले कार्य पूर्ण करने की चुनौती


मंत्री संजय शर्मा ने जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि मानसून आने में अब अधिक समय नहीं बचा है, इसलिए सभी निर्माण कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।
मंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि एनिकट और बांधों में वर्षा जल के आने में किसी भी प्रकार का कोई अवरोध नहीं होना चाहिए।
इसके लिए उन्होंने कैचमेंट एरिया की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के इन जलाशयों में पहुंच सके।
उन्होंने फिनिशिंग और पिचिंग के कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया ताकि संरचनाएं लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को निदानी बांध के पक्के पुनर्निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को कहा।

करोड़ों की लागत से संवरेगा जल ढांचा


नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरूका ने बताया कि मंत्री शर्मा के मार्गदर्शन में शहर के जल प्रबंधन को सुधारने के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं।
प्रताप बंध के पास लगभग 4.94 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा पॉण्ड और सोनानाथ की बावड़ी तक चैनल का निर्माण किया जा रहा है।
इस पॉण्ड का क्षेत्रफल 6950 वर्गमीटर है और इसे वर्तमान स्तर से 3.0 मीटर और गहरा किया जा रहा है ताकि अधिक पानी जमा हो सके।
यह प्रोजेक्ट 17 हेक्टेयर कैचमेंट एरिया की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिसकी कुल क्षमता 21,000 घनमीटर होगी।
इसी तरह जरखवाला के पास 3.61 करोड़ रुपये की लागत से दो पॉण्ड और एक एनीकट बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
यहां पॉण्ड-1 का क्षेत्रफल 3150 वर्गमीटर और पॉण्ड-2 का क्षेत्रफल 5709 वर्गमीटर है, जो 40 हेक्टेयर कैचमेंट एरिया को कवर करेगा।
जरखवाला के इन दोनों पॉण्ड की खुदाई का काम पूरा हो चुका है और अब पिचिंग का काम प्रगति पर है।

मॉडल एनीकट और पर्यटन की नई संभावनाएं


मंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि इन सभी एनीकटों को 'मॉडल एनीकट' के रूप में विकसित किया जाए ताकि ये केवल जल स्रोत न रहें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक एनीकट के किनारे सुंदर पाथवे, हरियाली और सौंदर्यीकरण के कार्य कराए जाएं ताकि लोग वहां भ्रमण कर सकें।

इन एनीकटों के बनने से पर्यावरण संरक्षण के साथ वन्यजीवों को जल मिलेगा और शहर का भूमिगत जल स्तर भी बढ़ेगा।


भूरासिद्ध के पास भी 2.23 करोड़ रुपये की लागत से दो पॉण्ड और एक एनीकट का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।
यहां पॉण्ड-1 की क्षमता 15,660 घनमीटर और पॉण्ड-2 की क्षमता 13,200 घनमीटर निर्धारित की गई है।
यूआईटी द्वारा प्राचीन माचिया कुंड के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 30 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से अलवर न केवल जल संरक्षण में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी इसकी नई पहचान बनेगी।
निरीक्षण के दौरान संजय खत्री, अशोक मदान और दिनेश वर्मा जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे जिन्होंने तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
अंततः, इन प्रयासों से अलवर के एक बड़े इलाके में भूमिगत जल स्तर में सुधार होगा, जो भविष्य की जल सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

*Edit with Google AI Studio

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