कुक कम हेल्पर्स का सत्याग्रह: कुक कम हेल्पर्स का शोषण के खिलाफ सत्याग्रह, मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर उमड़ा महिलाओं का सैलाब

सिरोही में कुक कम हेल्पर्स ने न्यूनतम मजदूरी और मानदेय वृद्धि को लेकर जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया और सरकार को चेतावनी दी।

सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में सरकारी स्कूलों में मिड डे मील योजना के अंतर्गत भोजन पकाने वाली सैकड़ों कुक कम हेल्पर्स ने अपने अधिकारों के लिए हुंकार भरी है। संघ के मुख्य संरक्षक डॉक्टर उदयसिंह डिंगार के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर सत्याग्रह किया और मानदेय वृद्धि की पुरजोर मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वे भविष्य में राज्य स्तर पर बड़ा जन आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी।

शोषण के खिलाफ उठी बुलंद आवाज

सत्याग्रह के दौरान कर्मचारी नेता छैलसिंह अंगोर और वीसाराम मेघवाल ने बताया कि वर्तमान में कुक कम हेल्पर्स को केवल 2297 रुपये का मासिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने इसे शोषण की पराकाष्ठा करार देते हुए कहा कि आज के महंगाई के दौर में इतनी कम राशि में परिवार चलाना असंभव है। अन्य मानदेय कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी के अनुसार 7410 रुपये मिल रहे हैं लेकिन कुक कम हेल्पर्स के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कुक कम हेल्पर्स ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि उन्हें कुशल श्रमिक की दर से 8034 रुपये का मासिक मानदेय मिलना चाहिए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

दूध वितरण के मानदेय पर भी जताई गहरी नाराजगी

आंदोलनकारियों ने सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क दूध वितरण योजना के मानदेय पर भी कड़ी आपत्ति जताई। संघ की जिलाध्यक्ष रेखा रावल और जिला मंत्री सुमित्रा कुमावत ने कहा कि इस अतिरिक्त कार्य के लिए उन्हें केवल 500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। जबकि सरकार की न्यूनतम तय राशि के अनुसार यह मानदेय कम से कम 1625 रुपये होना चाहिए। हाथों में अपनी मांगों की तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी पीड़ा जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और ज्ञापन की प्रक्रिया

26 दिसंबर को आयोजित इस ऐतिहासिक सत्याग्रह की शुरुआत सिरोही के बाबा रामदेव होटल से हुई। यहां से एक विशाल रैली निकाली गई जो शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट सर्किल पहुंची। रैली में जिले भर से आई महिलाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस आंदोलन में सखाराम डांगी, टेकराम कलवी, मोहन मेघवाल और अमर सिंह केर जैसे प्रमुख नेताओं ने शिरकत की और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

राजधानी जयपुर कूच की दी गई बड़ी चेतावनी

संघ के पदाधिकारियों और संयोजक सवाराम ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। सिरोही से शुरू हुई यह न्याय की लड़ाई अब पूरे प्रदेश में फैलेगी। कुक कम हेल्पर्स ने संकल्प लिया है कि यदि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो वे राजधानी जयपुर में महापड़ाव डालने को मजबूर होंगी। इस सत्याग्रह ने स्पष्ट कर दिया है कि अब मातृशक्ति अपने हक की लड़ाई को अंतिम अंजाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।