चीन की चाल: ताइवान नहीं भारत पर हो सकता है हमला: चीन कर सकता है भारत पर हमला: पूर्व अमेरिकी अधिकारी ग्रांट न्यूशाम की बड़ी चेतावनी
पूर्व अमेरिकी मरीन अधिकारी ग्रांट न्यूशाम ने चेतावनी दी है कि चीन ताइवान के बजाय भारत को निशाना बना सकता है। उन्होंने भारत को सतर्क रहने की सलाह दी है।
नई दिल्ली | अमेरिका के पूर्व मरीन इंटेलिजेंस अधिकारी ग्रांट न्यूशाम ने भारत को चीन और उसके विस्तारवादी इरादों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। न्यूशाम का मानना है कि जब पूरी दुनिया का ध्यान ताइवान और दक्षिण चीन सागर पर केंद्रित है, तब बीजिंग किसी अन्य मोर्चे पर, विशेष रूप से भारत पर हमला करने की योजना बना सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को इस संभावित खतरे के प्रति पहले से ही अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
न्यूशाम ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वर्तमान में अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी PLA में व्यापक संरचनात्मक बदलाव कर रहे हैं। इन बदलावों के बाद, वे अपनी सेना की वास्तविक क्षमताओं का परीक्षण करना चाहेंगे। न्यूशाम के अनुसार, जब पूरी दुनिया सांस रोककर ताइवान की ओर देख रही है, तो जिनपिंग इसके बजाय भारत पर हमला करने का रणनीतिक फैसला ले सकते हैं।
पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि अक्सर वहां देखना चाहिए जहां बाकी सब नहीं देख रहे हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ताइवान चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है, लेकिन इसी का लाभ उठाकर चीन अन्य क्षेत्रों में अपनी आक्रामकता बढ़ा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत को चीन पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वे एक निश्चित समय पर अपनी योजना को अंजाम देने के लिए जाने जाते हैं।
न्यूशाम ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि कोरियाई प्रायद्वीप, दक्षिणी जापान और फिलीपींस को भी संभावित लक्ष्यों की सूची में शामिल किया। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत निश्चित रूप से चीन की प्राथमिक सूची में है। उन्होंने गलवान और लद्दाख में हुए हिंसक टकरावों का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही चीन ने लंबे समय से कोई पूर्ण युद्ध नहीं लड़ा है, लेकिन उसकी सेना लगातार कठोर प्रशिक्षण ले रही है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में अमेरिकी संसद को सौंपी गई पेंटागन की एक रिपोर्ट में भी चीन की खतरनाक रणनीतियों का खुलासा किया गया था। इस रिपोर्ट के अनुसार, चीन 2049 तक अरुणाचल प्रदेश को हासिल करने की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रहा है। न्यूशाम की यह चेतावनी भारत के लिए रक्षा तैयारियों को और अधिक मजबूत करने का एक स्पष्ट संकेत है। चीन की सेना को किसी भी समय हमले के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया जा सकता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी चुनौती है।