राजस्थान में 16 दवाएं और मेहंदी फेल, सरकार का एक्शन: राजस्थान औषधि नियंत्रण संगठन की बड़ी कार्रवाई: 16 दवाओं और मेहंदी के नमूने फेल, बाजार से स्टॉक हटाने के निर्देश

औषधि नियंत्रण विभाग ने घटिया दवाओं और मेहंदी के 16 नमूनों को अमानक घोषित कर बाजार से हटाने के निर्देश दिए हैं।

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JAIPUR | राजस्थान सरकार के औषधि नियंत्रण संगठन ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्यभर में बिक रही कई नामी कंपनियों की दवाएं और कॉस्मेटिक उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। 4 फरवरी 2026 को जारी इस आधिकारिक सूची में 16 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिन बैचों के नमूने फेल पाए गए हैं, उनका स्टॉक तुरंत बाजार से हटाया जाए, ताकि मरीजों की सेहत पर कोई खतरा न रहे।

इन दवाओं के नमूने पाए गए घटिया

औषधि नियंत्रण विभाग की जांच में कई महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक दवाओं के नमूने फेल हो गए हैं। इनमें मुख्य रूप से एसिडिटी और गैस की समस्या में दी जाने वाली Rabeprazole और Domperidone कैप्सूल, संक्रमण के इलाज में प्रयुक्त Doxycycline टैबलेट, नसों और दर्द से जुड़ी दवा Pregabalin & Nortriptyline, बच्चों में दी जाने वाली Amoxycillin Dispersible Tablets, मल्टीविटामिन टैबलेट्स और खांसी की दवा Levosalbutamol, Ambroxol व Guaiphenesin वाली सिरप शामिल हैं। इन दवाओं के नमूने मुख्य रूप से मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं, जो मरीजों के लिए चिंता का विषय है।

मेहंदी उत्पादों पर भी गिरी गाज

सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि बाजार में बिक रही मेहंदी कोन और हिना के उत्पाद भी जांच के दायरे में आए हैं। विभाग की रिपोर्ट के अनुसार Pushp Henna, Nazia Gold Mehandi Cone और Shringar Mehandi Cone के नमूने सही नहीं पाए गए। खास तौर पर Lawsone कंटेंट (हीना का मुख्य रंग देने वाला तत्व) कई नमूनों में शून्य पाया गया, जबकि पैकिंग पर इसके होने के बड़े दावे किए गए थे। इसके अतिरिक्त, कुछ नमूनों में pH स्तर भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिला है।

सख्त कार्रवाई और सार्वजनिक चेतावनी

जयपुर मुख्यालय से जारी इस बुलेटिन की प्रतियां राजस्थान के सभी जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ-साथ दिल्ली स्थित ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भी भेजी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कंपनियों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और कॉस्मेटिक नियम 2020 के तहत नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मिशन निदेशक, एनएचएम, मेडिकल कॉलेजों, बड़े अस्पतालों और केमिस्ट संगठनों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों में रखी दवाओं और मेहंदी उत्पादों के पैक पर लिखे नाम, बैच नंबर और एक्सपायरी डेट को ध्यान से जांचें और केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही खरीदारी करें।