Rajasthan: RJS 2025: मधुलिका यादव ने किया टॉप, 28 महिला जज बनीं
राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा (Rajasthan Judicial Service Examination) 2025 का परिणाम घोषित हो गया है। मधुलिका यादव (Madhulika Yadav) ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है। इस बार कुल 28 महिला जज बनी हैं, जबकि टॉप-10 में सिर्फ एक पुरुष है।
जोधपुर: राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा (Rajasthan Judicial Service Examination) 2025 का परिणाम घोषित हो गया है। मधुलिका यादव (Madhulika Yadav) ने पूरे प्रदेश में टॉप किया है। इस बार कुल 28 महिला जज बनी हैं, जबकि टॉप-10 में सिर्फ एक पुरुष है।
RJS 2025 में महिलाओं का दबदबा
राजस्थान न्यायिक सेवा (RJS) परीक्षा 2025 के परिणाम में एक बार फिर महिलाओं ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। कुल 44 पदों पर जारी इस परिणाम में 28 महिला उम्मीदवारों ने जज बनकर इतिहास रचा है।
यह दिखाता है कि न्यायिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इस बार मेरिट लिस्ट के टॉप-5 स्थानों पर सिर्फ महिला उम्मीदवारों ने ही जगह बनाई है, जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
टॉपर मधुलिका यादव की प्रेरणादायक कहानी
पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मधुलिका यादव ने 205.5 अंक हासिल किए हैं। उनकी सफलता की कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मधुलिका ने बताया कि अपने पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा (प्री) भी पास नहीं कर पाई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में पूरे प्रदेश में टॉप किया।
यह उनकी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि असफलता सिर्फ सफलता की ओर बढ़ने का एक कदम होती है।
टॉप-10 में 9 महिलाएं और अन्य सफल उम्मीदवार
मेरिट लिस्ट के टॉप-10 में 9 महिला उम्मीदवारों ने अपनी जगह बनाई है, जबकि सिर्फ एक पुरुष उम्मीदवार इस सूची में शामिल है। यह न्यायिक क्षेत्र में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रज्ञा गांधी ने 204 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, वहीं अंबिका राठौड़ 196 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। आकांक्षा विशोक और मुस्कान गर्ग ने क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया।
इन शीर्ष पांच स्थानों पर सिर्फ महिलाओं का कब्जा रहा है, जो उनकी क्षमता और समर्पण को दर्शाता है। अन्य सफल उम्मीदवारों में रानू आनंद चौहान, रितिका चौधरी, सोनल बोहरा, निकिता, मोनिका मीणा, रेणु सिंगारिया, तमन्ना सिंगारिया, प्रीति यादव, कृष्णा गुर्जर, श्रेया शर्मा, स्वाति जोशी, जसप्रीत कौर, लक्ष्मी, सूर्या परिहार, रेखा चौधरी, मनीषा और सीता कुमारी जैसी कई महिलाएं शामिल हैं।
पुरुष उम्मीदवारों में भरत जांगड़ा, रोहन, गौरव भट्ट, कैलाश राम, राहुल बंशीवाल, शुभम भाटी, आशुतोष शर्मा, चंदन बडगुजर, सरवर खान, कृष्णा सागर, शुभम मिश्रा, हिमांशु सिंह, विशाल बंशीवाल, उत्कर्ष द्विवेदी, हार्दिक कौशल, शुभम सिंगला और अर्जुन राम प्रमुख हैं।
राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा का महत्व
राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। यह परीक्षा राज्य को योग्य और समर्पित न्यायिक अधिकारी प्रदान करती है।
इस परीक्षा के माध्यम से चयनित उम्मीदवार न्यायपालिका का अभिन्न अंग बनते हैं। वे समाज में न्याय स्थापित करने और कानून का शासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न्यायपालिका में विविधता और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा। यह समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज़ों को प्रतिनिधित्व देने में भी सहायक होगा।
भविष्य के लिए प्रेरणा
मधुलिका यादव और अन्य सफल महिला उम्मीदवारों की यह उपलब्धि उन सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो न्यायिक सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहती हैं।
यह परिणाम दर्शाता है कि कड़ी मेहनत, सही दिशा और अटूट विश्वास के साथ किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। यह सफलता की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
राजस्थान न्यायिक सेवा में चयनित सभी नए जजों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। वे न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए समाज की सेवा करें।