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राजनीति

भाजपा की जन आक्रोश महिला पदयात्रा: जयपुर: भाजपा महिला मोर्चा की 'जन आक्रोश पदयात्रा' में उमड़ा सैलाब, सीएम भजनलाल ने विपक्ष के आचरण को बताया 'काला अध्याय'

Pradeep Beedawat

जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने विशाल पदयात्रा निकालकर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

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HIGHLIGHTS

  • जयपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने शहीद स्मारक तक विशाल 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' निकाली।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 17 अप्रैल की घटना को भारतीय लोकतंत्र का 'काला पृष्ठ' करार दिया।
  • उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने विपक्ष पर मातृशक्ति और भारत माता के अपमान का गंभीर आरोप लगाया।
  • सांसद मंजू शर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को कांग्रेस का दोहरा चरित्र बताया।
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जयपुर |  राजस्थान की राजधानी जयपुर की सड़कें सोमवार को केसरिया रंग में रंगी नजर आईं। अवसर था भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का।
इस पदयात्रा के माध्यम से भाजपा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इस रैली को हरी झंडी दिखाई। 
भाजपा कार्यालय से शुरू होकर यह पदयात्रा शहीद स्मारक तक पहुंची। इसमें हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

विपक्ष की मानसिकता पर प्रहार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 17 अप्रैल का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक होने वाला था। लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे काला पृष्ठ बना दिया। 
उन्होंने कहा कि विपक्ष की इस हरकत ने उनकी महिला विरोधी मानसिकता को पूरी दुनिया के सामने उजागर कर दिया है। जिन लोगों ने देश पर 70 साल राज किया, उन्होंने कभी महिलाओं की चिंता नहीं की। 
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को केवल एक वोट बैंक के रूप में देखा। जब भी उनके उत्थान का अवसर आया, विपक्ष ने उसमें अड़ंगे डालने का काम किया। 

70 वर्षों की उपेक्षा का अंत

भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार माताओं और बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष परिवारवाद की राजनीति में इस कदर डूबा है कि उन्हें सामान्य महिलाओं की प्रगति से डर लगता है। 
उन्हें लगता है कि यदि साधारण परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका राजनीतिक वर्चस्व खत्म हो जाएगा। भाजपा 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलकर महिलाओं को उनका हक दे रही है। 
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक धरातल पर काम शुरू हुआ है। 

मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई है। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की गई है। 
जनधन खातों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाया है। अब 'लखपति दीदी' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं उद्यमी बन रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं। 
उन्होंने धारा 370 के खात्मे और सीएए जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा राष्ट्रहित के इन कार्यों का विरोध किया है, जो उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। 

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का तीखा हमला

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर तीखे बाण छोड़े। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को जो हुआ, वह केवल राजस्थान की माताओं का नहीं, बल्कि साक्षात भारत माता का अपमान है। 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने का संकल्प लिया था। लेकिन विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को छीनने का प्रयास किया। 
दीया कुमारी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को अपने इस कृत्य के बाद चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल खास परिवारों की महिलाएं ही राजनीति में आगे बढ़ेंगी? 

आम महिलाओं के हक की लड़ाई

उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि महिला विरोधी मानसिकता रखने वालों को आईना दिखाया जाए। आम महिलाओं को भी सत्ता के गलियारों तक पहुंचने का पूरा अधिकार है। 
उन्होंने 5 जुलाई 2023 के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि हमने तब भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला था। अब एक बार फिर उसी तर्ज पर बड़े आंदोलन की शुरुआत करने का समय आ गया है। 
दीया कुमारी ने उपस्थित महिलाओं से संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विपक्ष

जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' केवल एक कानून नहीं है। यह भारत की आधी आबादी को उनका वाजिब हक दिलाने का एक पवित्र माध्यम है। 
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने इस विधेयक के मार्ग में रोड़े अटकाकर अपना दोहरा चरित्र प्रदर्शित किया है। यदि यह सर्वसम्मति से पारित होता, तो आज देश का लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता। 
सांसद ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। वे बाहर कुछ और कहते हैं और सदन के भीतर महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम करते हैं। 

महिला मोर्चा का संकल्प

महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को जो विश्वास दिलाया है, उसे भाजपा का हर कार्यकर्ता धरातल पर उतारने के लिए संघर्ष करेगा। 
उन्होंने कहा कि जिस बिल को दशकों तक 'अटकाया, लटकाया और भटकाया' गया, उसे मोदी जी ने लागू करने का साहस दिखाया। अब देश की नारी जाग चुकी है और वह अपने राजनीतिक अधिकारों का हिसाब लेकर रहेगी। 
राखी राठौड़ ने चेतावनी दी कि महिलाओं को वोट बैंक समझने वाली ताकतों को आगामी चुनावों में जनता सबक सिखाएगी। भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशभर में इस आवाज को बुलंद करेगा। 

पदयात्रा में प्रमुख नेताओं की भागीदारी

इस जन आक्रोश पदयात्रा में कैबिनेट मंत्री मंजू बाघमार, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा और अल्का मूदंडा ने भी शिरकत की। सरिता गैना और प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल भी इस दौरान उपस्थित रहीं। 
प्रदेश प्रवक्ता स्टेफी चौहान, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा और महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी रैली को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कांग्रेस की नीतियों की आलोचना की। 
जयपुर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति की नई दिशा तय करने वाला साबित होगा। महिलाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगी। 
इस ऐतिहासिक पदयात्रा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि आगामी समय में भाजपा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को और अधिक प्रखरता से उठाएगी। विपक्ष के लिए यह एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है।

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