मध्य प्रदेश |बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने कभी नहीं सोचा था कि तंबूरे पर गाए उनके भजन की गूंज बॉलीवुड तक पहुंचेगी। लेकिन सोशल मीडिया की ताकत ने उनके हुनर को एक नई पहचान दी और अब वह मुंबई की राह पर हैं।
वायरल भजन ने बदली जिंदगी: दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी की बॉलीवुड में एंट्री
बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी, जिनका भजन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, अब बॉलीवुड में अपनी आवाज का जादू बिखेरने को तैयार हैं।
HIGHLIGHTS
- बुंदेलखंड के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी का भजन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।'मोरे संकट के कटैया' भजन को 2.9 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया।संगीत निर्माता पंकज VRK ने उन्हें खोजकर मुंबई आने का मौका दिया।गांव में तंबूरा लेकर गाने वाले सुनील अब बॉलीवुड में अपनी आवाज देंगे।
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सालों तक अपने गांव और आसपास के इलाकों में अपनी गायकी से लोगों का मनोरंजन करने वाले सुनील की जिंदगी एक वायरल वीडियो ने पूरी तरह से बदल दी है।
कौन हैं सुनील लोधी?
सुनील लोधी मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के एक छोटे से गांव के रहने वाले हैं। वह दृष्टिबाधित हैं और अपनी आजीविका के लिए पारंपरिक भजन और बुंदेली लोकगीत गाते हैं।
वह अक्सर तंबूरा लेकर स्थानीय कार्यक्रमों और गलियों में अपनी कला का प्रदर्शन करते थे, जहां उनकी आवाज सीमित लोगों तक ही पहुंच पाती थी।
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'मोरे संकट के कटैया' ने कैसे बदली जिंदगी?
सुनील की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने हनुमान जी का एक पारंपरिक भजन 'मोरे संकट के कटैया…' गाया। इस भजन की एक साधारण सी रिकॉर्डिंग किसी ने सोशल मीडिया पर डाल दी, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
करोड़ों लोगों तक पहुंची आवाज
इंटरनेट के माध्यम से सुनील की आवाज हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच गई। इस भजन को अब तक 2.9 करोड़ से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है, जिसने उन्हें रातों-रात एक सोशल मीडिया सनसनी बना दिया।
यह सिर्फ एक वीडियो का वायरल होना नहीं था, बल्कि यह सुनील के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत थी।
संगीत निर्माता पंकज VRK ने पहचानी प्रतिभा
सुनील की यह वायरल रिकॉर्डिंग संगीत निर्माता पंकज VRK तक भी पहुंची। उन्हें सुनील की आवाज में एक अनोखी कशिश और मौलिकता महसूस हुई, जिसने उन्हें प्रभावित किया।
पंकज ने इस प्रतिभाशाली गायक को खोजने का फैसला किया और उनकी तलाश शुरू कर दी।
गांव की गलियों से मुंबई तक का सफर
आखिरकार, पंकज VRK ने सुनील लोधी को ढूंढ निकाला। उन्होंने सुनील को मुंबई आने का न्योता दिया, जो किसी भी कलाकार के लिए एक सपने जैसा होता है।
गांव के मंचों पर तंबूरा लेकर गाने वाले सुनील के लिए मुंबई पहुंचना और बॉलीवुड में अपनी आवाज का जादू बिखेरने का मौका मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनकी कहानी साबित करती है कि हुनर को अगर सही मंच मिले तो वह किसी पहचान का मोहताज नहीं रहता।
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