डीडवाना | राजस्थान के डीडवाना जिले में पुलिस ने आमजन के चेहरे पर मुस्कान लाने का सराहनीय कार्य किया है। पुलिस ने विशेष अभियान के तहत 151 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं। इन बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 45 लाख 30 हजार रुपये बताई जा रही है। जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने स्वयं इन फोनों को उनके मालिकों के सुपुर्द किया। एसपी ऋचा तोमर के नेतृत्व में डीडवाना जिले के समस्त थानों और साइबर सेल ने मिलकर यह बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है।
डीडवाना पुलिस ने लौटाए 151 मोबाइल: डीडवाना: पुलिस ने बरामद किए 45 लाख के 151 मोबाइल, एसपी ऋचा तोमर ने मालिकों को सौंपे
डीडवाना पुलिस ने विशेष अभियान के तहत 45.30 लाख रुपये के 151 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं। एसपी ऋचा तोमर ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया है।
HIGHLIGHTS
- डीडवाना पुलिस ने 45.30 लाख रुपये मूल्य के 151 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए।
- एसपी ऋचा तोमर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे।
- मोबाइल ट्रेस करने के लिए पुलिस ने दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया।
- डीडवाना पुलिस अब तक कुल 570 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर जनता को लौटा चुकी है।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई और सफलता
पुलिस ने इन मोबाइलों को न केवल राजस्थान बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेस कर बरामद किया है। इस सफलता से पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। पुलिस की विशेष टीमों ने मोबाइल ट्रेसिंग के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। एसपी ने बताया कि इस अभियान की सफलता के पीछे केंद्रीय इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह दूरसंचार विभाग का एक नागरिक केंद्रित पोर्टल है जो मोबाइल उपकरणों को ट्रैक करने के लिए बनाया गया है।
CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग
पुलिस की विशेष टीमों ने इस पोर्टल पर दर्ज डेटा का गहन विश्लेषण किया। आईएमईआई (IMEI) नंबरों को ट्रैक कर पुलिस की टीमों ने इन गुम हुए उपकरणों को सफलतापूर्वक खोज निकाला। यह पोर्टल मोबाइल गुम होने पर उसे ब्लॉक करने की सुविधा भी देता है। डीडवाना पुलिस का यह अभियान काफी समय से निरंतर जारी है। एसपी ऋचा तोमर ने जानकारी दी कि इससे पहले भी पुलिस ने 570 से अधिक मोबाइल बरामद किए थे। इन मोबाइलों को भी पूर्व में उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा चुका है।
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अब तक 570 से अधिक मोबाइल बरामद
पुलिस की इस सक्रियता से अपराधियों में डर और आम लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है। बुधवार को जब एसपी कार्यालय में मोबाइल वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ, तो वहां मौजूद लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कई लोग महीनों बाद अपना फोन पाकर भावुक हो गए। मोबाइल मालिकों ने डीडवाना पुलिस और विशेषकर साइबर सेल की टीम का आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन कभी वापस मिलेगा।
मालिकों के खिले चेहरे और पुलिस का आभार
एसपी ऋचा तोमर ने जनता से अपील की है कि मोबाइल सिर्फ एक मशीन नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा है। इसमें व्यक्ति की निजी जानकारी और यादें होती हैं। यदि फोन गुम हो जाए, तो तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि नागरिक सीधे CEIR पोर्टल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके माध्यम से फोन को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है ताकि उसका कोई भी गलत इस्तेमाल न हो सके।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
- मोबाइल का IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित स्थान पर लिखकर रखें।
- फोन चोरी होने पर तत्काल पुलिस और नेटवर्क प्रदाता को सूचित करें।
- CEIR पोर्टल का उपयोग कर अपने फोन को ब्लॉक करना सीखें।
- अनजान व्यक्ति से पुराना मोबाइल खरीदते समय सावधानी बरतें।
सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
एसपी ने कहा कि बरामदगी से पुलिस को भी संतोष मिलता है कि वे जनता का भरोसा कायम रख पाए। पुलिस की यह मुहिम भविष्य में भी जारी रहेगी। डीडवाना साइबर सेल की टीम लगातार संदिग्ध आईएमईआई नंबरों पर नजर रख रही है। डीडवाना पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि तकनीक और तत्परता के समन्वय से अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और पुलिस का सहयोग करना चाहिए।