फीफा 2026: अर्जेंटीना-इंग्लैंड सेमीफाइनल में भिड़ंत
फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड 60 साल से खिताब का इंतजार कर रहा है और 24 साल बाद दोनों टीमें आमने-सामने होंगी।
HIGHLIGHTS
- फीफा विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी।
- इंग्लैंड पिछले 60 वर्षों से कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाया है, जबकि अर्जेंटीना गत चैंपियन है।
- लियोनेल मेसी की 9 मैचों से चली आ रही गोल स्कोरिंग की लय क्वार्टरफाइनल में टूट गई।
- पूर्व फुटबॉलरों वेन रूनी और माइका रिचर्ड्स ने मेसी को इंग्लैंड के लिए एक बड़ी चुनौती बताया है।
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फीफा विश्व कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला गत चैंपियन अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। यह एक रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है क्योंकि इंग्लैंड पिछले 60 साल से कोई खिताब नहीं जीता है।
ऐसे में वह इस मैच को जीतकर फाइनल में जगह बनाना चाहेगी, ताकि अपना दूसरा विश्व कप खिताब हासिल कर सके। वहीं, अर्जेंटीना अपने खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दोनों टीमें 24 साल बाद विश्व कप में आमने-सामने होंगी।
मेसी की गोल स्कोरिंग स्ट्रीक पर लगा ब्रेक
39 वर्षीय लियोनेल मेसी ने इस विश्व कप में लगभग हर मैच में गोल दागा था। लेकिन क्वार्टरफाइनल में स्विट्जरलैंड के खिलाफ वे गोल नहीं कर पाए।
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इस तरह उनकी 9 मैचों से चली आ रही गोल स्कोरिंग स्ट्रीक टूट गई। इसके बावजूद, मेसी 8 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोररों में शामिल हैं। 205 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 125 गोल करने वाले मेसी सीनियर टीम में पहली बार इंग्लैंड का सामना करने जा रहे हैं।
रूनी ने बताई मेसी की कमजोरी और ताकत
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और महान फुटबॉलर वेन रूनी का मानना है कि मेसी को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के आक्रामक खिलाड़ियों से कड़ी चुनौती मिल सकती है।
हालांकि, रूनी ने मेसी की उस काबिलियत की तारीफ की, जिससे वे पल भर की हरकत से मैच का नतीजा बदल सकते हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मेसी का डिफेंस में कम योगदान अर्जेंटीना के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
“मेसी अर्जेंटीना के लिए डिफेंसिवली कमजोरी बन सकते हैं क्योंकि वे पीछे भागकर डिफेंड नहीं करते। लेकिन उनके पास जूड बेलिंगहैम जैसी क्वालिटी है। उनका डिसीजन मेकिंग शानदार है। मेसी को मार्क करने के लिए एकाग्रता और कम्युनिकेशन बहुत जरूरी है।” - वेन रूनी
सेमीफाइनल तक का सफर
इंग्लैंड ने नॉर्वे के खिलाफ बेलिंगहैम के दो गोलों की बदौलत 2018 के बाद पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
वहीं, अर्जेंटीना ने जूलियन अल्वारेज़ के 112वें मिनट के शानदार गोल से स्विट्जरलैंड को चौंका दिया और फिर लौतारो मार्टिनेज़ ने एक्स्ट्रा टाइम में 3-1 से जीत पक्की कर दी।
'छोटे जीनियस' मेसी को रोकना नामुमकिन
क्वार्टरफाइनल में मेसी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, लेकिन इंग्लैंड के पूर्व डिफेंडर माइका रिचर्ड्स का मानना है कि उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन होगा।
“इंग्लैंड अर्जेंटीना से ज्यादा दौड़ सकता है, लेकिन उनके पास वो छोटा जीनियस मेसी है। सारी टीम उनके लिए खेलती है। मेसी को मार्क करना नामुमकिन है क्योंकि वे पीछे नहीं भागते। वे छोटे-छोटे स्पेस में चले जाते हैं। उनका टेक्नीक, स्पेशियल अवेयरनेस और शॉट सबसे बेहतरीन हैं।” - माइका रिचर्ड्स
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