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राजनीति

डोटासरा का हमला: BJP मंत्री 'चवन्नी चोर', सरकार नहीं सर्कस

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

कोटा में गरजे डोटासरा, बोले- मंत्रियों की कोई नहीं सुनता, पेपर लीक में शिक्षा मंत्री का हाथ।

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HIGHLIGHTS

  • कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार के मंत्रियों को 'चवन्नी चोर' कहा।
  • डोटासरा ने NEET पेपर लीक के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया और इस्तीफा मांगा।
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा में प्रसूताओं की मौत को 'हत्या' करार दिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
  • कोटा में कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी भी खुलकर सामने आई, कई वरिष्ठ नेता नदारद रहे।
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कोटा | कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को कोटा में राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सरकार को 'सर्कस' और मंत्रियों को 'चवन्नी चोर' तक कह दिया। उनके साथ विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली भी मौजूद थे।

सरकार नहीं, सर्कस चल रहा है

पत्रकारों से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है, यहां सर्कस चल रहा है। उन्होंने मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी कोई नहीं सुन रहा है।

भाजपा के मंत्री 'चवन्नी चोर' हैं। मंत्री विभाग में काम बताते हैं और जब वह काम नहीं होता है, तो उससे अभद्रता करते हैं, गालियां देते हैं।

डोटासरा ने आरोप लगाया कि मंत्रियों का अपने ही विभाग के अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे प्रदेश में अराजकता का माहौल है।

NEET पेपर लीक पर केंद्र को घेरा

डोटासरा ने NEET पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह पेपर पिछले तीन साल से लगातार लीक हो रहा है, लेकिन सरकार इसे मानने को तैयार नहीं थी।

उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक माफिया को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संरक्षण प्राप्त है। डोटासरा ने नैतिकता के आधार पर धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।

प्रसूताओं की मौत 'हत्या' है: जूली

वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कोटा में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह मौतें सामान्य नहीं, बल्कि 'हत्या' हैं।

जूली ने कहा कि दवा की रिपोर्ट 15 दिन बाद आई, जिसमें दवा को अमानक पाया गया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

उन्होंने प्रिंसिपल की नाले में गिरकर मौत और सीबीएसई कॉपी चेकिंग घोटाले को भी सरकार की बड़ी नाकामी बताया।

जातिगत जनगणना पर सरकार को घेरा

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के अभियान के दबाव में केंद्र सरकार जातिगत जनगणना के लिए तैयार तो हुई, लेकिन उसने ओबीसी के हितों के साथ कुठाराघात किया है। उन्होंने राहुल गांधी के नारे 'जिसकी जितनी भागीदारी, उतनी हिस्सेदारी' को दोहराया।

कोटा कांग्रेस में दिखी गुटबाजी

हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान कोटा कांग्रेस की आंतरिक कलह भी खुलकर सामने आ गई। डोटासरा और जूली की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस गुटों में बंटी नजर आई।

शहर और देहात के दोनों जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम से नदारद रहे। डोटासरा ने भी मीडिया के सामने स्वीकार किया कि कोटा में गुटबाजी है और इसे जल्द ही मिलकर दूर किया जाएगा।

इस दौरे ने जहां एक ओर कांग्रेस को सरकार पर हमलावर होने का मौका दिया, वहीं दूसरी ओर पार्टी की आंतरिक चुनौतियों को भी उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि आलाकमान इस गुटबाजी को कैसे संभालता है।

*Edit with Google AI Studio

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