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राजनीति

महिला आरक्षण: भाजपा का 'बड़ा षड्यंत्र'?: महिला आरक्षण बिल पर डोटासरा का करारा हमला: 'भाजपा का षड्यंत्र हुआ विफल, ओबीसी को हक देने से भाग रही मोदी सरकार'

प्रदीप बीदावत

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर देश को गुमराह करने और राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।

HIGHLIGHTS

  • डोटासरा ने महिला आरक्षण बिल को भाजपा का राजनीतिक लाभ लेने का एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया।
  • कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा 2021 की जनगणना न कराकर ओबीसी आरक्षण के लाभ से वंचित करना चाहती है।
  • 16 अप्रैल 2026 की रात को आनन-फानन में गजट नोटिफिकेशन जारी करने पर डोटासरा ने गंभीर सवाल उठाए।
  • महिला कांग्रेस कल जयपुर में मुख्यमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकालकर तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग करेगी।
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जयपुर | राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए।

डोटासरा ने कहा कि देश की संसद में 22 सितंबर 2023 को नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। उस समय इंडिया गठबंधन ने स्पष्ट मांग रखी थी कि इसे तुरंत लागू किया जाए।

भाजपा का पुराना इतिहास और विरोध

डोटासरा ने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने सबसे पहले 1996 में महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश किया था। इसके बाद 2010 में यूपीए सरकार ने इसे राज्यसभा में पारित करवाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगी दलों ने इस बिल का कड़ा विरोध किया था। आज वही भाजपा श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।

पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज निराशा व्यक्त कर रहे हैं। जबकि उन्होंने कभी भी इस बिल पर विपक्ष से औपचारिक समर्थन नहीं मांगा था।

शर्तों के साथ आया 2023 का बिल

वर्ष 2023 में एनडीए सरकार महिला आरक्षण बिल अपनी शर्तों के साथ लेकर आई। इन शर्तों से असहमत होते हुए भी कांग्रेस ने मातृशक्ति के हित में इसका समर्थन किया।

डोटासरा ने कहा कि बिल पारित होने के बाद प्रधानमंत्री ने जश्न मनाया। उन्होंने दावा किया था कि यह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 2023 में बिल पारित करवाकर केवल राजनीतिक लाभ लिया। इसके बाद वे 2024 के चुनावों में पुन: सत्ता में आने का रास्ता साफ करने में जुट गए।

जनगणना और परिसीमन का जाल

डोटासरा ने सवाल उठाया कि 2021 में होने वाली जनगणना अभी तक क्यों नहीं करवाई गई? भाजपा सरकार ने जानबूझकर इसमें देरी की है ताकि आरक्षण लागू न हो सके।

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल पारित होने के तीन साल बाद तक कोई गजट नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया। लेकिन चुनावों के बीच अचानक संसद का सत्र बुला लिया गया।

डोटासरा के अनुसार, भाजपा ने दो मुख्य षड्यंत्र रचे हैं। पहला, संसद की सीटों का मनमाना परिसीमन करना ताकि वे लंबे समय तक सत्ता में बने रह सकें।

दूसरा षड्यंत्र महिला आरक्षण के नाम पर अधिक से अधिक राजनीतिक लाभ लेना था। भाजपा चाहती है कि 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन की छूट मिल जाए।

ओबीसी आरक्षण की अनदेखी

डोटासरा ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के दबाव के कारण प्रधानमंत्री ने जातिगत जनगणना की घोषणा की थी। लेकिन अब भाजपा इससे पीछे हट रही है।

भाजपा को यह आभास हो गया है कि जातिगत जनगणना के बाद ओबीसी को आरक्षण देना अनिवार्य होगा। इसी से बचने के लिए 131वां संविधान संशोधन पेश किया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा मनमर्जी से परिसीमन कर लोकसभा की सीटें 850 तक बढ़ाना चाहती है। यह सब साधारण बहुमत के आधार पर करने की साजिश है।

संवैधानिक संस्थाओं पर नियंत्रण

डोटासरा ने कहा कि परिसीमन आयोग के चेयरपर्सन की नियुक्ति भाजपा सरकार करेगी। चुनाव आयोग भी भाजपा के प्रवक्ता की तरह कार्य कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ भाजपा का बहुमत है, वहां सीटें बढ़ा दी जाएंगी। वहीं आर्थिक योगदान देने वाले अन्य राज्यों का प्रभाव कम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

आसाम और जम्मू-कश्मीर के परिसीमन का उदाहरण देते हुए उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया। इंडिया गठबंधन ने भाजपा के इस गुप्त एजेंडे को सफल नहीं होने दिया।

नोटिफिकेशन की टाइमिंग पर सवाल

डोटासरा ने एक चौंकाने वाला दावा किया कि 16 अप्रैल 2026 की रात्रि 11 बजे आनन-फानन में गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। यह सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है।

उन्होंने पूछा कि जब अधिनियम को नोटिफिकेशन के जरिए लागू ही नहीं किया गया था, तो उसमें संशोधन कैसे लाया जा सकता था? यह कानूनी रूप से एक बड़ी चूक है।

जनगणना के रजिस्ट्रार के अनुसार मार्च 2027 तक आंकड़े आएंगे। डोटासरा ने कहा कि जब सब डिजिटल है, तो 2029 के चुनाव में आरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता?

कांग्रेस बनाम भाजपा: महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा ने आज तक कोई महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया। जबकि कांग्रेस में 5 महिला अध्यक्ष रह चुकी हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि देश को प्रथम महिला प्रधानमंत्री, प्रथम महिला राष्ट्रपति और प्रथम महिला लोकसभा अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी ने ही दिए हैं।

भाजपा नेताओं द्वारा सोनिया गांधी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा की भी उन्होंने निंदा की। उन्होंने कहा कि भाजपा का महिला प्रेम केवल दिखावा और चुनावी स्टंट है।

स्थानीय निकायों में आरक्षण का सच

राजस्थान के संदर्भ में डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने पंचायती राज और निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया। लेकिन भाजपा ने कई अधिकारों से मातृशक्ति को वंचित रखा है।

प्रदेश की 309 नगर निकायों और 14,000 ग्राम पंचायतों में महिलाओं के हक के लिए कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी। भाजपा के असली चेहरे को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।

सड़क से सदन तक आंदोलन

कांग्रेस के कार्यकर्ता अब पूरे प्रदेश में जन-जागरण अभियान चलाएंगे। सभी 50 जिलों में महिला नेत्रियां भाजपा की महिला विरोधी सोच को उजागर करेंगी।

इस प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मणिपुर और महिला पहलवानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी शर्मनाक है।

उन्होंने घोषणा की कि महिला कांग्रेस कल जयपुर में मुख्यमंत्री आवास तक एक विशाल रैली निकालेगी। यह मार्च महिला आरक्षण को तुरंत प्रभावी रूप से लागू करने की मांग के लिए होगा।

डोटासरा ने अंत में कहा कि भाजपा केवल भ्रम फैला रही है और सवालों से बच रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भी केवल दिल्ली की पर्ची पर काम कर रहे हैं।

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