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राजस्थान

जयपुर: पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए इंटरनेट बंद

बलजीत सिंह शेखावत

JDA की बड़ी कार्रवाई के दौरान सांप्रदायिक तनाव रोकने के लिए प्रशासन ने उठाया कड़ा कदम, 24 घंटे रहेगी नेटबंदी।

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HIGHLIGHTS

  • जयपुर में इतिहास में पहली बार अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घंटे की इंटरनेट बंदी लागू की गई है।
  • JDA जगतपुरा और मालवीय नगर में 134 अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अभियान चला रहा है।
  • यह कार्रवाई नंदपुरी रोड को 80 फीट तक चौड़ा करने के एक लंबित प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
  • इंटरनेट बंदी का फैसला सोशल मीडिया पर अफवाहों और सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए लिया गया है।
jaipur internet shutdown for first time during anti encroachment drive

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार को एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के एक बड़े हिस्से में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। यह इतिहास में पहली बार है जब किसी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के लिए ऐसी नेटबंदी की गई है।

क्यों लिया गया इंटरनेट बंद करने का फैसला?

यह पूरा मामला जगतपुरा और मालवीय नगर क्षेत्र से जुड़ा है, जहां जेडीए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।

दरअसल, जगतपुरा में नंदपुरी रोड को 80 फीट तक चौड़ा करने का एक प्रोजेक्ट काफी समय से लंबित था।

इस सड़क की सीमा में लगभग 134 पक्के अवैध निर्माण और पुराने कब्जे आ रहे थे, जिन्हें हटाना यातायात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक था।

सांप्रदायिक तनाव की थी आशंका

प्रशासन को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि इस बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं।

आशंका थी कि ये तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स पर भ्रामक वीडियो, पुरानी तस्वीरें या भड़काऊ संदेश फैला सकते हैं।

जयपुर पुलिस कमिश्नर की लिखित सिफारिश पर संभागीय आयुक्त सरवण कुमार ने कहा, "सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने के लिए यह एक एहतियाती कदम है।"

आज के डिजिटल युग में एक छोटी सी घटना का गलत वीडियो भी तेजी से वायरल होकर शहर की शांति भंग कर सकता है।

इसी धार्मिक संवेदनशीलता और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कड़ा फैसला लिया।

प्रशासन की तैयारी और आगे की राह

इंटरनेट बंदी का आदेश जयपुर पुलिस कमिश्नर की सिफारिश पर संभागीय आयुक्त द्वारा जारी किया गया।

यह कदम दिखाता है कि प्रशासन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से फैलने वाले खतरों को लेकर कितना सतर्क है।

इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य विकास कार्य को बिना किसी बाधा के पूरा करना और शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है। यह घटना भविष्य में इस तरह की नागरिक कार्रवाइयों के लिए एक मिसाल कायम कर सकती है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीक का उपयोग और उसकी रोकथाम दोनों ही महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

*Edit with Google AI Studio

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