जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में बजरी रॉयल्टी और अवैध खनन को लेकर लीज धारक कंपनी तथा स्थानीय माफियाओं के बीच चल रहा पुराना विवाद मंगलवार सुबह एक हिंसक और खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
जालोर में बजरी माफिया और कंपनी में संघर्ष: जालोर में बजरी रॉयल्टी पर खूनी संघर्ष, तीन घायल, एक गंभीर
जालोर में बजरी रॉयल्टी को लेकर लीज धारक और माफिया भिड़े, जमकर हुई मारपीट और तोड़फोड़।
HIGHLIGHTS
- जालोर में बजरी रॉयल्टी को लेकर कंपनी मैनेजर और माफियाओं के बीच हिंसक झड़प हुई।
- संघर्ष में कंपनी मैनेजर वीरेंद्र सिंह समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
- एक घायल नरेश माली की हालत नाजुक होने पर उसे पाली के अस्पताल में रेफर किया गया।
- पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इस भीषण झड़प के दौरान तीन लोग लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े, जिनमें से एक युवक की हालत अत्यंत नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद पाली रेफर किया गया है।
घटनाक्रम की शुरुआत सुबह रतनपुरा रोड ओवरब्रिज के पास हुई, जब बजरी लीज धारक कंपनी 'सलिल इन्फ्रा. प्रा. लि.' के मैनेजर और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे।
कंपनी के मैनेजर वीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि जब वह अकाउंटेंट के साथ लीज की ओर बढ़ रहे थे, तभी माफियाओं ने उनकी गाड़ी रोककर गाली-गलौज शुरू कर दी और रॉयल्टी न देने की धमकी दी।
आहोर चौराहे पर हुआ हिंसक टकराव
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विवाद उस समय और अधिक उग्र हो गया जब सुबह करीब 10 बजे आहोर चौराहे पर दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई।
माफिया पक्ष के ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि वे अपनी बाइक से जालोर आ रहे थे, तभी कंपनी की एक बिना नंबर वाली कैंपर गाड़ी ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद दोनों गुटों के बीच लाठी-डंडों और लोहे के औजारों से हमला शुरू हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावरों ने गाड़ी के भारी जैक से नरेश माली के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
मैनेजर समेत तीन लोग हुए लहूलुहान
इस खूनी संघर्ष की चपेट में आने से कंपनी प्रबंधक वीरेंद्र सिंह शेखावत, नरेश माली और ओमप्रकाश को गंभीर चोटें आई हैं, जिनका इलाज जालोर के सरकारी अस्पताल में किया गया।
नरेश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिसके चलते डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत पाली के बड़े अस्पताल में भेजने का निर्णय लिया है।
कंपनी प्रबंधन का दावा है कि बदमाशों ने न केवल उनके कर्मचारियों पर जानलेवा हमला किया, बल्कि उनकी कैंपर गाड़ी को भी लाठियों से पीट-पीटकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
मैनेजर वीरेंद्र सिंह ने बयान दिया, "हम शांतिपूर्ण तरीके से लीज की ओर जा रहे थे, तभी अपराधियों ने हमारा रास्ता रोका और बजरी के ट्रैक्टर न रोकने की धमकी देते हुए हमला कर दिया।"
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम
जैसे ही घटना की जानकारी जालोर कोतवाली पुलिस को मिली, थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।
पुलिस ने फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से मिली शिकायतों के आधार पर क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है।
पुलिस प्रशासन अब जालोर में बजरी माफियाओं और लीज धारकों के बीच के पुराने विवादों और रंजिश की फाइलों को भी खंगाल रहा है ताकि जड़ तक पहुंचा जा सके।
इस घटना के बाद शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा किसी भी प्रकार की हिंसक घटना को टाला जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बजरी के अवैध कारोबार और रॉयल्टी को लेकर आए दिन होने वाले इन झगड़ों से आम जनता की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा है।
पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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