thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
क्राइम

पति का कांटा, प्रेमी संग मिलकर हटाया: जालोर: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट

ललित पथमेड़ा

जालोर में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की। मजदूरी का झांसा देकर बुलाया, शराब पिलाई और फिर लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • 15 साल की शादी के बाद पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
  • मजदूरी का झांसा देकर बुलाया, शराब पिलाकर लाठियों से बेरहमी से पीटा।
  • पुलिस ने 48 घंटे में कॉल डिटेल और CCTV फुटेज से केस सुलझाया।
  • पत्नी, प्रेमी और एक अन्य साथी गिरफ्तार, अंतिम संस्कार में भी नहीं गई थी पत्नी।
jalore wife and lover murder husband crime news

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने 15 साल पुराने वैवाहिक रिश्ते का खूनी अंत कर दिया। पति को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची गई और उसे बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। जालोर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।

15 साल का रिश्ता, अवैध संबंध और खौफनाक साजिश

यह पूरी कहानी विश्वासघात और अवैध संबंधों के इर्द-गिर्द घूमती है। मृतक राजेंद्र कुमार (35) का विवाह करीब 15 साल पहले आहोर के गोलिया गांव की रहने वाली ममता (34) से हुआ था।

दंपति के तीन बच्चे भी हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी।

पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि ममता पिछले 8-10 महीनों से अपने पीहर में ही रह रही थी। इसी दौरान उसकी जिंदगी में रमेश कुमार मीणा (37) की एंट्री हुई।

क्यों और कैसे रची गई हत्या की योजना?

पीहर में रहते हुए ममता की नजदीकियां रमेश से बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन ममता का पति राजेंद्र उनके इस रिश्ते में सबसे बड़ा रोड़ा था।

इसी वजह से ममता और रमेश ने मिलकर राजेंद्र को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने का फैसला किया। उन्होंने एक ऐसी योजना बनाई जिससे किसी को उन पर शक न हो। इस साजिश में रमेश ने अपने एक रिश्तेदार अभिषेक मीणा (20) को भी शामिल कर लिया।

मजदूरी का झांसा देकर मौत के मुंह में धकेला

साजिश को अंजाम देने के लिए, आरोपियों ने राजेंद्र को फंसाने का एक जाल बुना। मृतक की मां सारकी देवी ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा राजेंद्र अपनी ससुराल गया हुआ था।

सोमवार को रमेश और अभिषेक मोटरसाइकिल पर रानीगांव पहुंचे। उन्होंने राजेंद्र को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया और उसे अपने साथ चलने के लिए राजी कर लिया।

राजेंद्र उनके झांसे में आ गया और उनके साथ बाइक पर बैठकर चला गया। इसके बाद वह कभी वापस घर नहीं लौटा। जब वह देर तक नहीं आया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

शराब पिलाई, फिर लाठियों से किया सिर पर वार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रास्ते में राजेंद्र को कई बार शराब पिलाई। जब राजेंद्र अत्यधिक नशे में हो गया, तो वे उसे आहोर थाना क्षेत्र के मडला गांव के पास एक सुनसान खेत में ले गए।

वहां पहुंचते ही आरोपियों ने लाठियों से राजेंद्र के सिर पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। सिर पर हुए जोरदार हमलों से वह अधमरी हालत में जमीन पर गिर पड़ा।

इसके बाद भी आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और वे उस पर लगातार लाठियों से हमला करते रहे। उन्होंने राजेंद्र की पहचान छिपाने के इरादे से उसके चेहरे को भी बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस की तेज कार्रवाई: 48 घंटे में पर्दाफाश

24 जून को पुलिस को सरहद मडला क्षेत्र के एक खेत में खून से लथपथ एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। शव का चेहरा इतनी बुरी तरह से क्षत-विक्षत था कि उसकी पहचान करना एक बड़ी चुनौती थी।

बाद में, रानी थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान पाली निवासी राजेंद्र कुमार के रूप में हुई।

जालोर के पुलिस अधीक्षक मोटाराम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वृत्ताधिकारी दशरथसिंह के सुपरविजन और थानाधिकारी करणसिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।

पत्नी के अंतिम संस्कार में न आने से गहराया शक

जांच के दौरान पुलिस का शक सबसे पहले मृतक की पत्नी ममता पर गया। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई थी।

इस असामान्य व्यवहार ने पुलिस को और सतर्क कर दिया। पुलिस ने तुरंत मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी।

तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज

एफएसएल, एमओबी और साइबर सेल की टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संदिग्ध नंबरों की लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस सीधे रमेश कुमार मीणा और अभिषेक मीणा तक पहुंच गई। हिरासत में लेकर जब उनसे सख्ती से पूछताछ की गई, तो दोनों टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ममता ही थी। इसके बाद पुलिस ने ममता को भी गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में आहोर, भाद्राजून और साइबर सेल की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: