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जोधपुर की पॉश सोसाइटी में ड्रग फैक्ट्री: जोधपुर की पॉश सोसाइटी में चल रही थी 'मिनी ड्रग फैक्ट्री', अलमारी से निकला 2 करोड़ का सफेद जहर, मास्टरमाइंड फरार

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जोधपुर की आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी में पुलिस ने एक मिनी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। अलमारी में छिपाकर रखी गई 2 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स और नशीली गोलियां बरामद की गई हैं।

HIGHLIGHTS

  • जोधपुर की आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के फ्लैट नंबर A-803 में चल रही थी ड्रग फैक्ट्री।
  • पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2 करोड़ रुपये मूल्य की एमडी ड्रग्स और नशीली गोलियां जब्त कीं।
  • गिरोह का मास्टरमाइंड भरत विश्नोई उर्फ लक्की फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है।
  • आरोपी गणपतराम ने कर्ज चुकाने के लालच में ड्रग पेडलिंग का रास्ता चुना था।
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जोधपुर | राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने एक ऐसी जगह पर ड्रग्स का कारोबार पकड़ा है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। जोधपुर की सबसे पॉश सोसायटियों में शुमार 'आशापूर्णा प्लेटिनम' के एक फ्लैट में नशे का काला साम्राज्य फल-फूल रहा था। एंटी गैंगस्टर टास्क फॉर (AGTF) और जोधपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मिनी ड्रग फैक्ट्री का पूरी तरह भंडाफोड़ किया है। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि इस वीआईपी सोसाइटी के एक फ्लैट में बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जब पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अनुभवी अधिकारियों के भी पूरी तरह से होश उड़ गए। फ्लैट की एक साधारण दिखने वाली अलमारी के अंदर बैगों में भरकर करोड़ों रुपये का 'सफेद जहर' छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने मौके से अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य की एमडी (MD) ड्रग्स और नशीली गोलियां जब्त की हैं। इस बड़ी कार्रवाई ने शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और वहां की गतिविधियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ इस बड़ी साजिश का खुलासा?

दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत बनाड़ क्षेत्र से हुई, जहां पुलिस ने गणपतराम विश्नोई नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। एडीजी दिनेश MN के कुशल निर्देशन में पुलिस की टीम लगातार क्षेत्र के बड़े नशे के सौदागरों पर पैनी नजर रख रही थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमृतलाल जीनगर ने जब गणपतराम से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की, तो उसने कई चौंकाने वाले राज उगल दिए। गणपतराम ने खुलासा किया कि वह तो सिर्फ एक मोहरा है, जबकि इस पूरे खेल का असली मास्टरमाइंड कोई और ही है। उसने पुलिस को बताया कि आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के फ्लैट नंबर A-803 में नशे की एक बड़ी खेप तैयार की जा रही है। आरोपी ने यह भी बताया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना भरत विश्नोई उर्फ लक्की है, जो पुलिस की नजरों से बच रहा है। भरत विश्नोई अपनी पहचान छिपाकर एक महिला के साथ उस पॉश फ्लैट में रह रहा था ताकि किसी को उस पर शक न हो।

अलमारी के अंदर मिला मौत का सामान

सूचना पुख्ता होते ही पुलिस ने देर रात फ्लैट पर दबिश दी, लेकिन वहां का मुख्य दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था। काफी देर तक दस्तक देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस ने तकनीकी सहायता से उसे तोड़ दिया और अंदर दाखिल हुई। फ्लैट की गहन तलाशी के दौरान एक अलमारी में रखे 'उम्मुल' लिखे बैग से पुलिस को भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने वहां से 1 किलो 544 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली एमडी ड्रग और संदिग्ध प्रीमियम केमिकल भी अपने कब्जे में लिया है। इसके अलावा, करीब 3.663 किलो वजन की 2000 से अधिक नशीली गोलियां भी अलग-अलग पैकेटों में बंद पाई गईं। वहां केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि इसे बनाने, तौलने और पैक करने के आधुनिक उपकरण भी भारी मात्रा में मौजूद थे। पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक कांटा, पैकिंग टेप, सीलिंग मशीन और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

कर्ज ने बनाया अपराधी, मास्टरमाइंड फरार

पकड़े गए आरोपी गणपतराम ने पूछताछ में बताया कि वह भारी कर्ज और खराब माली हालत के कारण इस दलदल में फंसा था। मास्टरमाइंड भरत विश्नोई ने उसे कर्ज उतारने और रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर अपना मोहरा बनाया था। भरत विश्नोई ने उसे भरोसा दिलाया था कि इस काम में जोखिम कम और मुनाफा बहुत ज्यादा है, जिससे वह बहक गया। फिलहाल मुख्य आरोपी भरत विश्नोई पुलिस के हाथ नहीं लगा है और वह गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा है। पुलिस की कई विशेष टीमें उसकी तलाश में राजस्थान और आसपास के राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि भरत की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे ड्रग नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों का खुलासा होगा। जोधपुर पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि यह ड्रग्स शहर में कहां-कहां सप्लाई की जानी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह नशे की बड़ी खेप स्थानीय युवाओं और आगामी रेव पार्टियों के लिए तैयार की गई थी। राजस्थान में नशे के खिलाफ चल रहा यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में और भी अधिक तेज होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद राजस्थान पुलिस अब ड्रग माफियाओं की जड़ों पर प्रहार करने में जुटी हुई है। इस बड़ी कार्रवाई से जोधपुर के अवैध ड्रग सिंडिकेट को एक बहुत बड़ा और निर्णायक झटका लगा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने आसपास की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें। सोसाइटी के सुरक्षा गार्डों और प्रबंधन से भी इस संबंध में पूछताछ की जा रही है कि आरोपी वहां कैसे रह रहे थे। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि भरत विश्नोई ने यह फ्लैट किसके नाम पर और किन दस्तावेजों के आधार पर लिया था। क्या फ्लैट मालिक को इस बात का जरा भी अंदाजा था कि उसके घर में क्या चल रहा है, इसकी भी पूरी जांच होगी। जोधपुर पुलिस की इस शानदार मुस्तैदी और बड़ी कामयाबी की शहर भर में काफी सराहना की जा रही है। नशे के खिलाफ छेड़ी गई इस जंग में यह कार्रवाई पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि और मील का पत्थर साबित होगी। पुलिस का कहना है कि नशा बेचने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। जोधपुर की गलियों से लेकर वीआईपी सोसायटियों तक अब पुलिस की इंटेलिजेंस विंग पूरी तरह सक्रिय और चौकन्नी है। जब्त की गई एमडी ड्रग्स के नमूनों को एफएसएल लैब भेजा गया है ताकि उनकी शुद्धता और केमिकल संरचना का पता चल सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की और भी गंभीर धाराएं जोड़ने की तैयारी की जा रही है। गणपतराम से मिली अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस उसके पूरे गिरोह की कुंडली खंगालने में जुटी है। इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस यह भी जांच रही है कि ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल किस रास्ते से जोधपुर लाया गया था। जोधपुर पुलिस की सोशल मीडिया सेल भी अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पेडलर्स और सप्लायर्स की भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 'नशा मुक्त राजस्थान' का संकल्प हर हाल में पूरा किया जाएगा। इस पूरे सफल ऑपरेशन में शामिल जांबाज पुलिसकर्मियों को विशेष पुरस्कार देने की भी सिफारिश की गई है। शहर के निवासियों में इस खुलासे के बाद से सुरक्षा को लेकर चिंता है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से राहत भी है। अंततः, यह बड़ी कार्रवाई उन सभी अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

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