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मदन दिलावर का स्कूल में औचक निरीक्षण: श्रीगंगानगर: छात्रा का ज्ञान देख गदगद हुए मंत्री मदन दिलावर

गणपत सिंह मांडोली

मदन दिलावर ने श्रीगंगानगर के स्कूल में छात्रा से संविधान पर सवाल पूछा और जवाब सुनकर शाबाशी दी।

HIGHLIGHTS

  • शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने श्रीगंगानगर के मम्मड खेड़ा गांव में स्थित सरकारी स्कूल का औचक निरीक्षण किया।
  • 7वीं कक्षा की छात्रा ने संविधान सभा के सदस्यों और निर्माता के बारे में सटीक जानकारी देकर मंत्री को प्रभावित किया।
  • मंत्री ने बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए उनसे कॉपी में अंक लिखवाए और उन्हें बिना डरे बोलने की सलाह दी।
  • गांव की गलियों में जलभराव देखकर मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई और सोख्ता पिट निर्माण के निर्देश दिए।
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श्रीगंगानगर | राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर इन दिनों प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जिलों के औचक दौरे पर हैं। इसी क्रम में वे श्रीगंगानगर पहुंचे, जहां उन्होंने सादुलशहर ब्लॉक के मम्मड खेड़ा गांव स्थित सरकारी स्कूल का दौरा किया।

छात्रा का संवैधानिक ज्ञान और मंत्री की प्रशंसा

दौरे के दौरान मंत्री दिलावर सीधे 7वीं कक्षा के कमरे में पहुंचे और बच्चों से संवाद शुरू किया। उन्होंने एक छात्रा से पूछा कि भारत का संविधान किसने बनाया था और इसके बारे में वह क्या जानती है।छात्रा ने बिना हिचकिचाए जवाब दिया कि पहली संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 थी और डॉ. बीआर अंबेडकर को इसका जनक कहा जाता है। यह सुनकर मंत्री बेहद खुश हुए और उन्होंने छात्रा की पीठ थपथपाते हुए उसे शाबाशी दी।

शिक्षा में आत्मविश्वास का महत्व

मंत्री ने महसूस किया कि कुछ बच्चे जवाब जानते हुए भी हिचकिचा रहे थे, जिसके बाद उन्होंने बच्चों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने एक छात्र की कॉपी ली और उसे उस पर '7' लिखने को कहा।उन्होंने छात्र से पूछा कि 7 को अंग्रेजी में क्या कहते हैं, जिस पर छात्र ने सही जवाब दिया। इसके बाद मंत्री ने उसे आत्मविश्वास के साथ लिखने को प्रेरित किया और कहा कि जब जवाब आता है तो घबराना नहीं चाहिए।

"तुम्हें सब आता है, फिर घबराते क्यों हो? आत्मविश्वास के साथ अपनी बात कहना सीखो, यही शिक्षा का असली उद्देश्य है।"

बुनियादी ढांचे और सफाई पर नाराजगी

स्कूल का निरीक्षण करने के बाद मंत्री दिलावर गांव की गलियों में निकले, जहां नजारा देखकर उनका पारा चढ़ गया। गांव की गलियों में गंदा पानी भरा हुआ था, जिससे आम लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही थी।मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि अब तक जल निकासी के लिए सोख्ता पिट क्यों नहीं बनाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता के बिना शिक्षा का वातावरण अधूरा है और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

प्रशासनिक अमले की मौजूदगी

इस निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मंत्री के साथ मौजूद रहे। जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरिराम चौहान और एक्सईएन रमेश मैदान को मंत्री ने मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए।कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी अरविंदर सिंह भी इस दौरान मौजूद थे, जिन्हें स्कूलों में शैक्षणिक स्तर सुधारने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीण विकास और शिक्षा का अंतर्संबंध

मंत्री दिलावर ने कहा कि स्कूल केवल चारदीवारी नहीं होते, बल्कि वे समाज के विकास का केंद्र होते हैं। यदि गांव की गलियां गंदी रहेंगी तो बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा, जो उनकी पढ़ाई को प्रभावित करेगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मनरेगा और अन्य योजनाओं के माध्यम से गांव में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करें। सोख्ता पिट का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया ताकि पानी सड़क पर न फैले।

बच्चों के साथ आत्मीय संवाद

मंत्री ने 5वीं कक्षा की एक छोटी बच्ची से भी बात की और उससे उसकी पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने बच्ची से कॉपी में '5' लिखवाया और उसकी लिखावट की तारीफ की।इस तरह के छोटे-छोटे प्रयासों से बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि बढ़ती है और वे शिक्षकों व बड़ों से डरना बंद करते हैं। मंत्री का यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोर रहा है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रतिबद्धता

राजस्थान सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने का प्रयास कर रही है। मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षकों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को देश के इतिहास और संविधान के बारे में गहराई से जानकारी दें। छात्रा द्वारा संविधान पर दिया गया जवाब इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन मिलने पर बच्चे कमाल कर सकते हैं।

अधिकारियों को सख्त चेतावनी

जलभराव की समस्या पर मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी बजट का सही उपयोग जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि अगली बार वे आए और स्थिति वैसी ही मिली, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।गांव वालों ने भी मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर उन्होंने तुरंत समाधान का आश्वासन दिया। मंत्री के इस दौरे से स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

निष्कर्ष और प्रभाव

मदन दिलावर का यह दौरा न केवल शिक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी तय करता है। छात्रा को मिली शाबाशी अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिकारियों को मिली फटकार से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।यह दौरा साबित करता है कि जब नेतृत्व जमीन पर उतरता है, तभी धरातल की समस्याओं का सही आकलन और समाधान संभव हो पाता है।

*Edit with Google AI Studio

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