बीकानेर | महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) अब साइबर अवेयरनेस सहित नए और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन आधुनिक शिक्षा व्यवस्था पर जोर दे रहा है।
MGSU में नई शिक्षा और तकनीकी बदलाव: MGSU बीकानेर में साइबर अवेयरनेस और नए तकनीकी कोर्स होंगे शुरू
महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) के 509 कॉलेजों के 4.25 लाख विद्यार्थियों के लिए नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम और केंद्रीयकृत ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम शुरू किया जा रहा है।
HIGHLIGHTS
- महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में साइबर अवेयरनेस और नए तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
- विश्वविद्यालय के 509 कॉलेजों के 4.25 लाख विद्यार्थियों के लिए केंद्रीयकृत ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम बनेगा।
- कुलगुरु प्रो. नरसीराम बिश्नोई ने विश्वविद्यालय को नैक (NAAC) में ए ग्रेड दिलाने का लक्ष्य रखा है।
- बीकानेर में खेल प्रतिभाओं के लिए साई (SAI) केंद्र और इनडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम विकसित किए जाएंगे।
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नवनियुक्त कुलगुरु प्रो. नरसीराम बिश्नोई ने बताया कि विश्वविद्यालय से जुड़े 509 कॉलेजों और करीब 4.25 लाख विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए व्यापक योजना तैयार की गई है।
ऑनलाइन एडमिशन और तकनीकी शिक्षा पर जोर
कुलगुरु के अनुसार, विद्यार्थियों के लिए अधिकतम पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्रीयकृत ऑनलाइन सिस्टम विकसित किया जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी कार्यों के लिए बार-बार विश्वविद्यालय आने की आवश्यकता से मुक्त करना है। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
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नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत
- साइबर अवेयरनेस जैसे आधुनिक विषयों का समावेश किया जाएगा।
- रोजगारोन्मुखी तकनीकी पाठ्यक्रमों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता और नए विषयों की समझ विकसित की जाएगी।
खेल सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
कुलगुरु ने बीकानेर में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर में विशेष प्रयास किए जाएंगे।
परिसर में साई (SAI) का केंद्र खुलवाने और इनडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम को विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। ऑक्सीजन पार्क सहित अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को सक्रिय बनाया जाएगा।
प्रो. बिश्नोई ने कहा कि वे विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सजग हैं और एक-एक पल का हिसाब रखते हुए काम करने में विश्वास करते हैं।
नैक ग्रेड सुधारने और अनुशासन का लक्ष्य
वर्तमान में विश्वविद्यालय को नैक (NAAC) में सी ग्रेड प्राप्त है। कुलगुरु का लक्ष्य शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत कर ए ग्रेड हासिल करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासन उनकी पहली प्राथमिकता है और आगे भी रहेगी। विश्वविद्यालय में पढ़ाई और बेहतर शैक्षणिक माहौल से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
उनका जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक और संबद्ध महाविद्यालय आधुनिक शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ सकें।
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