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राजस्थान

माउंट आबू: तेज बारिश नक्की के किनारे के भवन के कमरे की दीवार ढही

गणपत सिंह मांडोली

माउंट आबू में भारी बारिश से नक्की बाजार स्थित सौ साल पुराने जर्जर भवन की दीवार गिर गई। हादसे के वक्त कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

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HIGHLIGHTS

  • माउंट आबू में तेज बारिश से सौ साल पुराने भवन की दीवार ढही।
  • नक्की बाजार स्थित जर्जर भवन में कोई नहीं होने से टला बड़ा हादसा।
  • भवन के पुनर्निर्माण की फाइल सालों से प्रशासनिक अनुमति के लिए लंबित थी।
  • नगर पालिका की आपदा राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग की।
mount abu 100 year old building wall collapses due to heavy rain

माउंट आबू | माउंट आबू में लगातार हो रही तेज बारिश से पुराने और जर्जर भवन गिरने शुरू हो गए हैं। शनिवार देर रात को नक्की बाजार में स्थित नक्की लॉज के सौ साल पुराने भवन के उत्तरी हिस्से की दीवार ढह गई। इसका मलबा पास ही खाली जमीन के साथ विवेकानंद पार्क मार्ग पर भी गिरा है। भवन की दीवार गिरने के दौरान सड़क पर और भवन में कोई नहीं था इससे किसी के चोटिल हो के समाचार नहीं हैं।

माउंट आबू के सबसे पुराने व्यवसायिक और घने रिहायशी इलाके नक्की बाजार में नक्की लॉज के उत्तरी हिस्से में करीब सौ साल से भी पुराने भवन के सात कमरे हैं। दो दशक से भवन का ये हिस्सा जर्जर हो रहा था। 2017 में नगर पालिका माउंट आबू के द्वारा इसका सर्वे करवाकर इसके उत्तरी हिस्से के कमरों जर्जर बताया गया था। 2011 से इस जर्जर भवन के पुनर्निमाण के लिए मॉनिटरिंग कमिटी में पत्रावली लंबित थी। जानकारी के अनुसार 2017 में भी मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष नक्शों समेत सम्पूर्ण पत्रावली जमा करवाई थी। 2020 में जोनल मास्टर प्लान और बिल्डिंग बायलॉज पास होने के बाद नगर पालिका में ऑफलाइन पत्रावली जमा की गई थी।

2022 की मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में माउंट आबू के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण की जो 12 पत्रावलियां स्वीकृत की गई थी उसमें भी इस भवन की स्वीकृति शामिल थी, तब नोडल अधिकारी कार्यालय में एक बार फिर नक्शे के साथ संपूर्ण पत्रावली जमा करवाई थी लेकिन, नोडल अधिकारी ने तब भी इसके पुनर्निर्माण की अनुमति जारी नहीं की। 

एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश पर संशोधित जोनल मास्टर प्लान जारी होने के बाद नगर पालिका में अगस्त 2025 को ऑनलाइन पत्रावली जमा करवाई गई थी। इस बाद की गई तकनीकी रिपोर्ट में भी इसे जर्जर बताया गया था। ये पत्रावली तबसे लंबित है। इस मकान की छते और दीवारें लंबे समय से दो हिस्सों में बंट गई थी। नींव ने भी जमीन छोड़ दी थी। तेज बारिश की वजह से शनिवार को इस भवन के उत्तरी हिस्से में स्थित कमरों की दीवार ढहना शुरू हो गई। इस भवन के उत्तरी हिस्से के ढहने की सूचना के बाद देर रात को नगर पालिका का आपदा राहत दस्ता मौके पर पहुंचा। वहां पहुंचकर इसकी बैरिकेटिंग आदि की कवायद शुरू की।

*Edit with Google AI Studio

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