पुणे | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। सेवानिवृत्त केमिस्ट्री शिक्षक पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप है।
नीट पेपर लीक: NEET UG पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, CBI की बड़ी कार्रवाई
सीबीआई ने नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है।
HIGHLIGHTS
- सीबीआई ने पुणे से नीट पेपर लीक के मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया।
- रिटायर्ड शिक्षक ने अपने घर पर 'स्पेशल कोचिंग' के जरिए छात्रों को पेपर लिखवाया था।
- हाथ से लिखे नोट्स आधिकारिक परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन से पूरी तरह मेल खाते हैं।
- अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं और दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी।
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जांच में सामने आया है कि कुलकर्णी ने पुणे में गुप्त कोचिंग सेशन के जरिए पेपर लीक कराया था। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे।
स्पेशल कोचिंग क्लास के जरिए रची साजिश
सीबीआई के अनुसार, पेपर लीक का पूरा ऑपरेशन अप्रैल के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ था। मास्टरमाइंड कुलकर्णी ने आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों का एक विशेष समूह तैयार किया था।
मनीषा वाघमारे को पहले ही 14 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। कुलकर्णी ने इलेक्ट्रॉनिक कॉपी भेजने के बजाय अपने घर पर 'स्पेशल कोचिंग' शुरू की। वहां छात्रों को प्रश्न और विकल्प बोलकर लिखवाए गए।
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जांच एजेंसी के मुताबिक, छात्रों से कहा गया था कि वे सभी जानकारी अपनी निजी नोटबुक में हाथ से लिखें। यह एक सोची-समझी रणनीति थी ताकि डिजिटल सबूतों को पूरी तरह से मिटाया जा सके और जांच से बचा जा सके।
सीबीआई ने पुष्टि की है कि छात्रों के हाथ से लिखे नोट्स आधिकारिक नीट-यूजी 2026 परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन से पूरी तरह मेल खाते हैं। यह ठोस सबूत कुलकर्णी की इस मामले में सीधी संलिप्तता को पुख्ता करता है।
कौन है आरोपी पीवी कुलकर्णी?
नीट पेपर लीक का मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले का निवासी है। उसने एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी थीं और छात्रों के बीच लोकप्रिय था।
अधिकारियों के अनुसार, कुलकर्णी करीब चार साल पहले रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद भी वे शिक्षा जगत में सक्रिय थे और कई प्रभावशाली लोगों के संपर्क में थे, जिसका उन्होंने पेपर लीक के लिए गलत फायदा उठाया।
NTA से जुड़े होने का दावा
सीबीआई का दावा है कि कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की प्रक्रियाओं से गहराई से जुड़े थे। इसी वजह से उन्हें गोपनीय और संवेदनशील प्रश्नपत्रों तक आसान पहुंच प्राप्त हो गई थी, जिसकी अब गहन जांच हो रही है।
"आरोपी ने छात्रों को गुमराह किया और परीक्षा की शुचिता को भंग करने के लिए कोचिंग का सहारा लिया। हम इस नेटवर्क के हर सदस्य तक पहुंचेंगे।" - जांच अधिकारी
7 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की औपचारिक शिकायत के बाद सीबीआई ने 12 मई को जांच शुरू की थी। यह मामला सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में संदिग्ध गतिविधियों और शिकायत के बाद प्रकाश में आया था।
अब तक सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अहिल्यानगर में छापेमारी कर कुल 7 लोगों को पकड़ा है। इस गिरोह के तार कई राज्यों में फैले होने की आशंका है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है।
नीट परीक्षा में इस साल रिकॉर्ड छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था। अब छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह परीक्षा 21 जून को दोबारा होगी।
इस घटना ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र और अभिभावक अब भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े इंतजामों की मांग कर रहे हैं।
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