नागौर | राजस्थान के नागौर जिले में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अब आरोपियों के खिलाफ अदालत में कड़ी कानूनी कार्यवाही शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
नागौर बारूद कांड: NIA की बड़ी कार्रवाई: नागौर विस्फोटक मामला: NIA ने पूरी की जांच, अब चलेगा मुकदमा
नागौर बारूद कांड में NIA ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही तेज कर दी है।
HIGHLIGHTS
- नागौर में बरामद 10 हजार किलो विस्फोटक मामले में NIA की जांच पूरी।
- जिला मजिस्ट्रेट से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी गई।
- मास्टरमाइंड सुलेमान खान और उसके सहयोगियों पर कसता जा रहा है शिकंजा।
- 24 जनवरी 2026 को थांवला क्षेत्र से भारी मात्रा में बारूद हुआ था बरामद।
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अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया
NIA की चार सदस्यीय टीम ने नागौर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला मजिस्ट्रेट से आरोपियों के खिलाफ कानूनी अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत ट्रायल शुरू करने के लिए सक्षम प्राधिकारी की अनुमति अनिवार्य है, जिसके बाद NIA विशेष अदालत में चार्जशीट पेश करेगी।
विस्फोटक बरामदगी और नेटवर्क
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थांवला थाना क्षेत्र से करीब 10 हजार किलोग्राम अवैध विस्फोटक बरामद किया गया था, जिसमें भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और फ्यूज वायर शामिल थे।
जांच में सुलेमान खान को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड पाया गया है, जो लाइसेंसशुदा मैगजीन संचालकों के साथ मिलकर अवैध बारूद की सप्लाई करता था।
विस्फोटक सामग्री की भारी मात्रा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा थी, जिसकी गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंपी थी।
NIA ने पुख्ता सबूत और FSL रिपोर्ट जुटा ली है। जिला मजिस्ट्रेट से मंजूरी मिलते ही न्यायिक सुनवाई शुरू होगी, जिससे इस संवेदनशील मामले के दोषियों को सजा मिल सकेगी।
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