जयपुर | राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर से विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की तारीफ कर गए।
वसुंधरा राजे की फिर तारीफ कर गए सीएम गहलोत, कहा- मैं अच्छे काम पकड़ लेता हूं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर से विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की तारीफ कर गए। हालांकि, एक बार तारीफ करने के बाद सीएम गहलोत ने राजे पर निशाना भी साध दिया।
HIGHLIGHTS
- 1 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर से विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की तारीफ कर गए। हालांकि, एक बार तारीफ करने के बाद सीएम गहलोत ने राजे पर निशाना भी साध दिया।
संबंधित खबरें
हालांकि, एक बार तारीफ करने के बाद सीएम गहलोत ने राजे पर निशाना भी साध दिया।
गौरतलबल है कि सीएम गहलोत इससे पहले भी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की तारीफ करने के बाद अपनी ही पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए थे।
तब उन्होंने कहा कि थी राजे के कारण ही उनकी गिरती सरकार बची थी। जिसके बाद गहलोत को कांग्रेस के कई नेताओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा था।
तारीफ तो की लेकिन, बाद में साध दिया निशाना
संबंधित खबरें
पिछली बार तारीफ को लेकर विरोध का सामने करने के बाद इस बार सीएम गहलोत ने वो गलती नहीं दोहराई और तुरंत राजे को निशाने पर ले लिया।
दरअसल, सोमवार को सीएम गहलोत ने राज्य स्तरीय पालनहार लाभार्थी संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के 5 लाख 91 हजार 730 लाभार्थियों के बैंक खातों में 87 करोड़ 36 लाख 56 हजार 750 रूपए की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की।
इस दौरान गहलोत ने कहा कि कोई नहीं जानता था कि अनाथ बच्चों का भविष्य क्या होगा, उन बच्चों के लिए पालनहार योजना वसुंधरा राजे ने शुरू की।
बस इतना कहने के बाद सीएम गहलोत ने राजे पर तुरंत निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने इस योजना पर कोई पैसा नहीं बढ़ाया, बस इसे एक बार लागू कर दिया।
मैं अच्छे काम पकड़ लेता हूं...
इसके आगे सीएम गहलोत ने कहा कि मैंने इसको पकड़ लिया, मैं अच्छे काम पकड़ लेता हूं।
हमारी सोच पॉजिटिव है। यह योजना वसुंधरा राजे की सरकार ने लागू की और हम इसे मजबूत कर रहे हैं।
वसुंधरा राजे हमारी स्कीम्स बंद कर देती हैं
इसी के साथ गहलोत ने ये भी कहा कि वसुंधरा राजे सरकार बदलते ही हमारी स्कीम्स को बंद कर देती हैं, जो नहीं करनी चाहिए।
हमारी स्कीम्स चाहे मेट्रो, चाहे रिफाइनरी और बद्रीनाथ-केदारनाथ हादसे में मृतकों के परिजनों को नौकरी का फैसला था, लेकिन राजे ने सबको बंद कर दिया।