सिरोही। दो दिन पहले पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार रहे संयम लोढ़ा के साथ वाडाखेड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र के दौरे पर गए तीन वन कार्मिकों को प्रधान मुख्य वन संरक्षक की ओर से विभागीय कार्रवाई करते हुए एपीओ कर दिया गया है। वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। लोढ़ा ने इस कदम को भाजपा नेताओं की खींज बताते हुए कहा कि तीनों कार्मिक अपने लोक कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, ऐसे में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। लोढ़ा ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक से तीनों कार्मिकों के एपीओ आदेश निरस्त करने की मांग की हैं।

वाडाखेड़ा अभ्यारण्य के विकास पर उठाया था मुद्दा
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन राज्य सरकार ने सुंधा माता कंजर्वेशन रिजर्व, माउंट आबू सेंचुरी और जवाई कंजर्वेशन रिजर्व के बीच वन्यजीव कॉरिडोर के रूप में सिरोही जिले के सबसे बड़े वन क्षेत्र वाडाखेड़ा जोड़ को वन्यजीव अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना था।

