पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मीडियाकर्मियों के बीच जुबानी जंग हो गई। जब गोदी मीडिया की बात गहलोत ने कही तो मीडियाकर्मियों ने पूछ ही लिया कि कौनसा मीडिया संस्थान गोदी मीडिया है।
अशोक गहलोत का बचाव करने की कोशिश गोविंद सिंह डोटासरा ने की, लेकिन वह भी नाकाम ही रहे। यही नहीं राजस्थान की विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता टीकाराम जूली वहां मौन रहे। परन्तु मीडियाकर्मियों ने अशोक गहलोत को खरी—खरी सुना दी कि आपके कार्यकाल में मीडिया को दबाने के लिए पुरजोर काम होता रहा। मीडियाकर्मियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते रहे।
इस प्रेस कान्फ्रेंस ने चुनाव में पैसे की कमी की बात कहते हुए इलेक्टरोल बाण्ड और खाते सीज करने की बात भी कही। परन्तु जब बात मीडियाकर्मियों पर आई तो प्रेस वार्ता में अशोक गहलोत को पत्रकारों ने ही घेर लिया। वैसे तो अशोक गहलोत मीडिया फ्रेंडली माने जाते रहे हैं, लेकिन अपने अंतिम कार्यकाल में वे कंपनियों के भरोसे मास मीडिया से तोड़ बैठे। क्या कुछ हुआ प्रेस वार्ता में पूरा मामला वीडियो में देखिए...।
कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी गहलोत पर पत्रकारों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इस मामले में खासा प्रभावी बयान दिया।