thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 🌺 ज़िंदगानी 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

सचिन पायलट और राजाराम मील की मुलाकात ने गरमाया राजनीतिक गलियारा

desk desk

मील ने पायलट से मुलाक़ात में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व पर एतराज भी जताया है। उन्होंने तो यहां तक भी कह दिया है कि सीएम गहलोत के नेतृत्व से इस विधानसभा चुनाव में उतरने का खामियाज़ा कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। 

HIGHLIGHTS

  1. 1 मील ने पायलट से मुलाक़ात में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व पर एतराज भी जताया है। उन्होंने तो यहां तक भी कह दिया है कि सीएम गहलोत के नेतृत्व से इस विधानसभा चुनाव में उतरने का खामियाज़ा कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। 
sachin pilot and rajaram meel meeting heated up politics
Sachin Pilot - Rajaram Meel

जयपुर |  राजस्थान में चुनावी घमासान के बीच पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) और राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजाराम मील (Rajaram Meel) की बंद कमरे में हुई मुलाक़ात ने सियासी गलियारों को गरमा दिया है। 

दो अलग-अलग समाजों से आने वाले इन दिग्गज नेताओं की बंद कमरे की मुलाक़ात को लेकर कई तरह के मायने निकाले जा रहे हैं। 

चुनावों से पहले पायलट और मील की हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर भी जमकर छाई हुई है। 

इस मुलाकात को लेकर जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील ने का कहना है कि पायलट के साथ कई महत्वपूर्ण मसलों पर बातचीत हुई है, जिनमें विधानसभा चुनाव और मौजूदा राजनीतिक हालातों पर गंभीरता से चर्चा हुई है। 

खबरों की माने तो मील ने पायलट से मुलाक़ात में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व पर एतराज भी जताया है।

उन्होंने तो यहां तक भी कह दिया है कि सीएम गहलोत के नेतृत्व से इस विधानसभा चुनाव में उतरने का खामियाज़ा कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ेगा। 

ऐसे में उन्होंने सचिन पायलट से कांग्रेस को संभालने का आग्रह किया है। पायलट से पहले वे भाजपा और आप पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं।

सीएम पद पर देखना चाहते हैं जाट समुदाय का व्यक्ति

खबरों की माने तो जाट महासभा अध्यक्ष राजाराम मील राजस्थान में जाट समुदाय के नेता को मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। ऐसे में उनकी ये मांग पर अभी भी कायम है। 

मील ने अपनी मुलाकात में इसी मांग को एक बार फिर सचिन पायलट के सामने रखा है।

उनकी मांग है कि जाट समाज को दोनों मुख्य पार्टियों में 40-40 सीट मिलनी ही चाहिए। 

गौरतलब है कि गहलोत सरकार की कार्यशैली को लेकर राजाराम मील कई बार अपनी नाराज़गी जता चुके हैं। 

बता दें कि पिछले दिनों ही आरपीएससी सदस्य केसरी सिंह को लेकर भी मील की नाराजगी सामने आ चुकी है। 

गहलोत सरकार के विरूद्ध अपनी नाराजगी जताने के लिए उन्होंने दिल्ली पहुंचकर एआईसीसी महासचिव वेणुगोपाल से शिकायत भी की थी।

शेयर करें: