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जालोर

भीनमाल के दो छात्रों ने जिले में लहराया परचम, एक ने NEET 2024 में हासिल किए 686 अंक तो दूसरा 672 अंक हासिल कर पूरा करना चाहता है अपना सपना

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शिक्षा विभाग द्वारा आज NEET 2024 का परिणाम घोषित हो चुका है। जिसमें भीनमाल के पोषाणा गांव के निवासी देवाराम (devaram) पुत्र प्रभाराम सुथार ने 686 अंक हासिल किए है।वहीं सुहास ओझा (suhas ojha) पुत्र विजय शेखर ओझा ने नीट परीक्षा में 720 में से 672 अंक प्राप्त कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपना स्थान हासिल किया है।

HIGHLIGHTS

  1. 1 देवाराम (devaram) के पिता प्रभाराम की करीब 12 वर्ष पहले पेड़ से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय देवाराम गांव में ही सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ते थे। कक्षा 7 से 12 तक भीनमाल के पास चाणक्य विद्यापीठ पावली में अध्ययन किया। इस दरमियान दासपा के शिक्षक मंगल सुथार द्वारा प्रेरित करने पर देवाराम ने हिंदी माध्यम से नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है। सुहास के पिता ने बताया कि जब सुहास दो वर्ष का था तब से डॉक्टर बनने का सपना था। अब वह सपना पूरा होने जा रहा है |
two students of bhinmal raised the flag in the district one scored 686 marks in neet 2024 and the other wanted to fulfill his dream by scoring 672 marks
भीनमाल के दो छात्रों ने जिले में लहराया परचम

भीनमाल | शिक्षा विभाग द्वारा आज NEET 2024 का परिणाम घोषित हो चुका है। जिसमें भीनमाल के पोषाणा गांव के निवासी देवाराम (devaram) पुत्र प्रभाराम सुथार ने 686 अंक हासिल किए है। देवाराम ने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल की है। वहीं सुहास ओझा (suhas ojha) पुत्र विजय शेखर ओझा ने नीट परीक्षा में 720 में से 672 अंक प्राप्त कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपना स्थान हासिल किया है।

आपको बता दें कि ​​​देवाराम (devaram) के पिता प्रभाराम की करीब 12 वर्ष पहले पेड़ से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उस समय देवाराम गांव में ही सरकारी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ते थे। जैसे तैसे करके देवाराम ने कक्षा 6 तक पढ़ाई गांव में ही की। इसके बाद कक्षा 7 से 12 तक भीनमाल के पास चाणक्य विद्यापीठ पावली में अध्ययन किया। इस दरमियान दासपा के शिक्षक मंगल सुथार द्वारा प्रेरित करने पर देवाराम ने हिंदी माध्यम से नीट की परीक्षा में सफलता हासिल की है।

वहीं सुहास ओझा शुरू से पढ़ाई में अव्वल रहे है। कक्षा 1 से 12 तक हमेशा 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। सुहास के पिता विजय शेखर राजस्व विभाग में रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) है तथा माता निवेदिता (nivedita) अध्यापिका है। सुहास डॉक्टर बनकर भीनमाल क्षेत्र की सेवा करना चाहता है।

सुहास के पिता ने बताया कि जब सुहास दो वर्ष का था तब से डॉक्टर बनने का सपना था। अब वह सपना पूरा होने जा रहा है।

रिपोर्ट विक्रम परमार द्वारा दी

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