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राजस्थान

विकसित ग्राम-वार्ड अभियान की समीक्षा: मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान: 15 मई तक तैयार होगा मास्टर प्लान

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर में हुई समीक्षा बैठक, अधिकारियों को 15 मई तक मास्टर प्लान पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश।

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान के तहत 15 मई तक पोर्टल पर फाइनल मास्टर प्लान अपलोड करने का लक्ष्य है।
  • शासन सचिव रवि जैन ने डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जीआईएस मैपिंग को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
  • 25 अप्रैल तक सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा ताकि स्थानीय आकांक्षाएं दर्ज हों।
  • लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और हेल्पडेस्क की स्थापना होगी।
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जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश के गांवों और शहरों के कायाकल्प के लिए 'मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान' की रफ्तार अब काफी तेज कर दी है।

जयपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 15 मई तक हर हाल में मास्टर प्लान तैयार करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया गया है।

शासन सचिव रवि जैन ने स्पष्ट किया कि डेटा संकलन और जीआईएस मैपिंग की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कोताही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारियों की एसएसओ आईडी मैपिंग और रिपोर्टिंग मॉड्यूल का प्रभावी ढंग से और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

ब्लॉक और निकाय स्तर पर डेटा की गुणवत्ता की नियमित रूप से सघन जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य का मास्टर प्लान पूरी तरह त्रुटिहीन और सटीक बने।

ग्राम और वार्ड सभाओं की प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर शासन सचिवालय में आयोजित इस बैठक में विशेष बल दिया गया।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार बनेगा डायनेमिक मास्टर प्लान

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विकास को एक जन आंदोलन का रूप देना है, जहां स्थानीय लोगों की वास्तविक आकांक्षाएं और जरूरतें ही योजना का आधार हों।

इसके लिए सांख्यिकी विभाग के साथ बेहतर समन्वय कर ई-ग्राम पोर्टल और अन्य उपलब्ध डेटा का भी प्रभावी उपयोग करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

प्रत्येक 4–5 ग्राम पंचायत या शहरी वार्ड के लिए एक विशेष प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो धरातल पर हो रहे कार्यों की सूक्ष्म निगरानी करेगा।

फील्ड स्तर पर काम के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष हेल्पडेस्क भी स्थापित किए जाएंगे ताकि अभियान की गति न रुके।

पंचायतीराज सचिव डॉ. जोगा राम ने 25 अप्रैल तक विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने की अंतिम समय-सीमा तय करते हुए अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को सही और समुचित तरीके से दर्ज करना ही इस पूरे महत्वाकांक्षी अभियान की सफलता की असली कुंजी है।

आकांक्षाएं सही और समुचित तरीके से दर्ज की जाएं। वार्ड स्तर से सुझावों का व्यापक संग्रह सुनिश्चित करें और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

जिन जिलों में अभियान की प्रगति अब तक धीमी पाई गई है, वहां के जिला अधिकारियों के साथ ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी।

आकांक्षाओं को दर्ज करने के लिए डिजिटल के साथ-साथ मैन्युअल विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि तकनीकी बाधा के कारण कोई भी महत्वपूर्ण सुझाव छूट न जाए।

जन आंदोलन बनेगा प्रदेश के विकास का नया आधार

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान का विधिवत शुभारंभ 19 मार्च को किया गया था, जिसका लक्ष्य स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।

आगामी 15 मई तक इन सभी फाइनल मास्टर प्लान्स को पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा, जिससे राजस्थान के भविष्य के सुनियोजित विकास की राह खुलेगी।

बैठक में राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (RITI) के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिला नोडल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जुड़े रहे।

सूचना प्रौद्योगिकी, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रतिनिधियों ने भी अभियान के तकनीकी पहलुओं और डेटा मैनेजमेंट पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट बैठक में पेश की।

इस समीक्षा बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राजस्थान सरकार ग्रामीण और शहरी विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए पूरी तरह गंभीर है।

समयबद्ध तरीके से मास्टर प्लान तैयार होने से प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में आने वाले समय में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

अंततः यह अभियान राजस्थान को विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी बनाने और स्थानीय स्वशासन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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