जयपुर |
राजस्थान में अवैध शराब पर बड़ा एक्शन: राजस्थान आबकारी विभाग का छापा: 742 केस और 207 गिरफ्तार
राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने चलाया बड़ा अभियान, भारी मात्रा में शराब जब्त।
HIGHLIGHTS
- आबकारी विभाग ने 1 से 6 मई के बीच प्रदेश भर में 742 अभियोग दर्ज किए।
- अभियान के दौरान 207 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर 12 वाहन जब्त किए गए।
- करीब 1.59 लाख लीटर वाॅश नष्ट किया गया और भारी मात्रा में शराब बरामद हुई।
- डूंगरपुर, बीकानेर और ब्यावर सहित कई जिलों में प्रभावी छापेमारी की गई।
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राजस्थान में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। आयुक्त नमित मेहता के कड़े निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में शराब माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।
यह अभियान प्रदेश के हर कोने में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और तस्करी को रोकने के लिए चलाया जा रहा है। विभाग की टीमें दिन-रात नाकाबंदी और गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
प्रदेश भर में 742 अभियोग और 207 गिरफ्तारियां
आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 से 6 मई 2026 के बीच ही विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस विशेष निरोधात्मक अभियान के तहत अब तक कुल 742 अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं।
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पुलिस और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक 207 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इन गिरफ्तारियों से अवैध शराब के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। इसमें देशी शराब, भारत निर्मित विदेशी मदिरा और भारी मात्रा में बीयर के कार्टन शामिल हैं।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, करीब 3378 लीटर देशी मदिरा और 824 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है। साथ ही 1361 लीटर बीयर और 4388 लीटर हथकड़ शराब भी पकड़ी गई।
लाखों का माल और नष्ट किया गया वाॅश
जब्त की गई शराब की कीमत लाखों में आंकी गई है। विभाग ने न केवल शराब पकड़ी, बल्कि उसे बनाने वाले कच्चे माल यानी 'वाॅश' को भी भारी मात्रा में नष्ट किया है।
अभियान के दौरान लगभग 1 लाख 59 हजार लीटर वाॅश को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। इससे अवैध शराब बनाने वाली भट्टियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।
तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। विभाग ने 2 चार पहिया और 10 दुपहिया वाहनों सहित कुल 12 वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया है।
अवैध शराब के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। किसी भी सूरत में तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जिलों में जमीनी स्तर पर हुई बड़ी कार्रवाई
डूंगरपुर में आबकारी दल ने एक महिंद्रा बोलेरो को पकड़कर उसमें से 10 कार्टन बीयर बरामद की। बीकानेर जोन के लूणकरणसर और हनुमानगढ़ में भी ईपीएफ दल ने बड़ी छापेमारी की है।
चूरू के सुजानगढ़ और श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ में भी विभाग ने 9 नए मामले दर्ज किए हैं। इन कार्रवाइयों में करीब 4100 लीटर उत्तेजित वाॅश और 5 भट्टियां नष्ट की गई हैं।
ब्यावर और जैतारण की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बिखरनिया का बाडिया में चल रही भट्टियों को पकड़ा। वहां चालू भट्टी और उपकरणों के साथ 55 लीटर अवैध शराब मिली।
मेड़ता सिटी और धौलपुर में भी गश्त के दौरान अवैध शराब बरामद की गई। धौलपुर में पुलिस ने एक पुराने फरार अपराधी को भी धर दबोचा, जो लंबे समय से चकमा दे रहा था।
अभियान का व्यापक प्रभाव और भविष्य
आबकारी आयुक्त नमित मेहता खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों से होने वाली तस्करी को रोकना उनकी पहली प्राथमिकता है।
प्रदेश के सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त और जिला अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। नाकाबंदी और सघन गश्त से माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
इस अभियान का उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि अवैध शराब के सेवन से होने वाली जनहानि को भी रोकना है। विभाग की यह सख्ती आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।
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