thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

ग्राम-2026: किसानों की बदलेगी किस्मत: राजस्थान ग्राम-2026: किसानों को समृद्ध बनाने का महामंच

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम-2026 के जरिए कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का रोडमैप पेश किया।

HIGHLIGHTS

  • जयपुर में 23 से 25 मई 2026 तक 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' का भव्य आयोजन किया जाएगा।
  • राजस्थान बाजरा, सरसों और ग्वार सहित कई प्रमुख फसलों के उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
  • कृषि क्षेत्र में 44 हजार करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू हुए हैं, जिनमें से 9 हजार करोड़ धरातल पर हैं।
  • पीएम फसल बीमा योजना के तहत राज्य में रिकॉर्ड 2.19 करोड़ पॉलिसी जारी कर क्लेम वितरित किए गए हैं।
rajasthan gram 2026 farmers investment meet jaipur

जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में आयोजित ग्राम-2026 इन्वेस्टर मीट के दौरान राजस्थान के किसानों की समृद्धि के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है। उन्होंने बताया कि आगामी 23 से 25 मई 2026 तक जयपुर में होने वाला 'ग्राम' आयोजन कृषि क्षेत्र में तकनीकी क्रांति लाएगा।

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सशक्त किसान, समृद्ध भारत’ के विजन को राज्य के धरातल पर साकार करने के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों, विशेषज्ञों और निवेशकों को एक साथ लाना है।

ग्राम-2026 का उद्देश्य और व्यापक भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन के जरिए कृषि प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने निवेशकों एवं उद्यमियों को ग्राम-2026 में भाग लेने का आमंत्रण देते हुए कहा कि यह मंच नवाचारों को साझा करने के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा। इससे प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

‘ग्राम’ के तहत केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि गिरदावर सर्किल, उपखण्ड और जिला स्तर पर भी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतिम छोर पर बैठा किसान भी इस मुहिम से जुड़ सके।

किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाने के लिए विशेषज्ञों की टीमें तैनात की जा रही हैं। इससे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का समावेश करना किसानों के लिए काफी आसान हो जाएगा।

कृषि उत्पादन में राजस्थान का नेतृत्व

राजस्थान वर्तमान में कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। विविधतापूर्ण फसलों के कारण यहाँ उद्यमियों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि बाजरा, सरसों, तिलहन और जौ के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा ग्वार, ईसबगोल और जीरे के मामले में भी प्रदेश अव्वल है।

इस कृषि विविधता के कारण फूड प्रोसेसिंग, स्पाइस पार्क और एग्री-एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में नए स्टार्टअप्स के लिए बेहतरीन माहौल तैयार हुआ है। उद्यमी यहाँ के संसाधनों का भरपूर लाभ उठा सकते हैं।

सरकार का मानना है कि यदि हम कच्चे माल को प्रोसेस करके बाजार में उतारेंगे, तो किसानों को उनकी उपज का दोगुना दाम मिल सकेगा। इसी दिशा में स्पाइस पार्कों का विस्तार किया जा रहा है।

निवेश अनुकूल वातावरण और एमओयू

भजनलाल सरकार उद्यमियों को निवेश अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश के वादे किए गए हैं।

कृषि क्षेत्र के लिए लगभग 44 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए थे। खुशी की बात यह है कि इनमें से 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

ग्राम-2026 इसी निवेश यात्रा को और अधिक विस्तार देने का कार्य करेगा। सरकार की नीतियों के कारण अब निवेशक राजस्थान की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो प्रदेश के विकास के लिए शुभ संकेत है।

पहली बार राजस्थान में पश्चिम क्षेत्रीय जोनल कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया गया। इसके साथ ही झालावाड़ और टोंक जैसे जिलों को दलहन उत्पादन के लिए मॉडल जिलों के रूप में विकसित किया जा रहा है।

"प्रधानमंत्री का विजन है कि जब कृषि लाभदायक होगी, तभी देश का सही मायने में विकास होगा। हम इसी मार्ग पर चलते हुए राजस्थान के किसानों को हर संभव तकनीक और सहायता प्रदान कर रहे हैं।"

सौर ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचा

राजस्थान में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने किसानों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए भारी अनुदान की व्यवस्था की गई है।

पिछले दो वर्षों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान जारी कर 65 हजार से अधिक सौर पंप स्थापित किए गए हैं। इससे किसानों की सिंचाई लागत में भारी कमी देखने को मिली है।

जब किसानों का बिजली पर होने वाला खर्च कम होगा, तो उनकी शुद्ध आय में स्वतः ही बढ़ोतरी होगी। सरकार का लक्ष्य हर खेत तक सौर ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करना है ताकि दिन में बिजली मिले।

इसके अलावा, प्रदेश में डेढ़ हजार से अधिक कृषि प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। वेयरहाउस, डेयरी और मछली पालन जैसे सहायक क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

किसान कल्याण की प्रमुख योजनाएं

राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि को बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया है। यह कदम छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में सबसे आगे है। अब तक 2 करोड़ 19 लाख से अधिक पॉलिसी जारी की गई हैं, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है।

किसानों को जोखिम से बचाने के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा क्लेम वितरित किए गए हैं। इससे प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को बड़ा सहारा मिला है।

गेहूं की खरीद पर 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस और पशुपालकों के लिए ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन रही हैं। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना इसमें मील का पत्थर है।

भविष्य की राह और निष्कर्ष

केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने भी इस अवसर पर तकनीकी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को स्थानीय जरूरतों के हिसाब से तकनीक विकसित करनी चाहिए।

ग्राम-2026 के माध्यम से राजस्थान न केवल अपनी कृषि शक्ति का प्रदर्शन करेगा, बल्कि वैश्विक मंच पर एक सशक्त एग्री-हब के रूप में उभरेगा। इससे आने वाले समय में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

अंततः, यह महामंच राजस्थान के किसानों के जीवन में खुशहाली लाने और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का एक सुनहरा अवसर है। सरकार की यह पहल निश्चित ही रंग लाएगी।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: