जयपुर | राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ईंधन की किल्लत को लेकर उड़ रही अफवाहों पर तेल कंपनियों ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
ईंधन संकट सच क्या है?: राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, तेल कंपनियों ने दी सफाई
राजस्थान में ईंधन की कमी की अफवाहों को तेल कंपनियों ने नकारा, कहा- प्रदेश में स्टॉक पर्याप्त है।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और स्थिर बनी हुई है।
- जयपुर में पेट्रोल ₹108.91 और डीजल ₹94.14 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
- तेल कंपनियों ने जनता से 'पैनिक बाइंग' और असुरक्षित संग्रहण न करने की अपील की।
- सीमावर्ती इलाकों और दूरदराज के क्षेत्रों में टैंकरों की सुचारू आवाजाही जारी है।
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कीमतों में रिकॉर्ड उछाल और अफवाहों का बाजार
राजस्थान में मंगलवार को पेट्रोल के दामों में 94 पैसे और डीजल में 91 पैसे की ताजा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वृद्धि के बाद राजधानी जयपुर में पेट्रोल ₹108.91 और डीजल ₹94.14 प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के कारण सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में ईंधन की कमी को लेकर कई तरह की भ्रामक खबरें प्रसारित होने लगी थीं। इससे आम जनता में स्टॉक खत्म होने को लेकर डर पैदा हो गया था।
तेल कंपनियों का आधिकारिक स्पष्टीकरण
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इन तमाम आशंकाओं पर विराम लगाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला है। तेल उद्योग ने प्रेस नोट जारी कर प्रदेशवासियों को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत है।
राज्य स्तरीय समन्वयक और IOCL के कार्यकारी निदेशक मनोज गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में समग्र पेट्रोलियम आपूर्ति स्थिति पूर्णतः स्थिर और पर्याप्त है। हमारे सभी टर्मिनलों और डिपो से लेकर रिटेल आउटलेट्स तक संपूर्ण ईंधन आपूर्ति श्रृंखला प्रभावी रूप से संचालित हो रही है।
24 घंटे की जा रही है स्टॉक की निगरानी
अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान के सभी जिलों में ईंधन के स्टॉक की निरंतर और लाइव निगरानी की जा रही है। जैसे ही किसी पेट्रोल पंप या डिपो में ईंधन का स्तर कम होता है, तुरंत रिप्लेनिशमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
तेल उद्योग के सभी प्रमुख स्टेकहोल्डर्स आपस में कड़ा समन्वय बनाए हुए हैं। इसका उद्देश्य जैसलमेर, बाड़मेर और श्रीगंगानगर जैसे दूरदराज के सीमावर्ती इलाकों में भी तेल के टैंकरों को समय पर पहुंचाना है ताकि वहां भी आपूर्ति बाधित न हो।
रसोई गैस (LPG) आपूर्ति पर विशेष ध्यान
प्रेस नोट में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ रसोई गैस की स्थिति भी साफ की गई है। मनोज गुप्ता ने जानकारी दी कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की आपूर्ति को तेल कंपनियों की ओर से विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
पूरे राज्यभर में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है। गोदामों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास पर्याप्त बैकअप स्टॉक मौजूद है, इसलिए उपभोक्ताओं को बुकिंग या डिलीवरी में किसी भी तरह की देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पैनिक बाइंग से बचने की अपील
लगातार दाम बढ़ने के बाद अक्सर उपभोक्ताओं में यह डर बैठ जाता है कि आने वाले दिनों में स्टॉक खत्म हो जाएगा। इसी डर के कारण लोग गाड़ियों की टंकियां फुल कराने और अनावश्यक संग्रहण यानी 'पैनिक बाइंग' में जुट जाते हैं।
तेल उद्योग के राज्य प्रमुख ने जनता से अपील की है कि वे सामान्य खपत व्यवहार रखें। नागरिक अनावश्यक रूप से ईंधन का असुरक्षित संग्रहण न करें और केवल अपनी जरूरत के हिसाब से ही तेल खरीदें। भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें।
निष्कर्षतः, राजस्थान में ईंधन की कोई कमी नहीं है और तेल कंपनियां हर जिले में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं। किसी भी प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक संचार माध्यमों का ही उपयोग करें।
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