जालोर |रावणा राजपूत महासभा एवं युवा महासभा संस्था ने गुरूवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण पर गंभीर सवाल उठाए और इसे अविश्वसनीय एवं भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला बताया।
जालोर: रावणा राजपूत समाज ने ओबीसी सर्वेक्षण के आंकड़े मांगे
जालोर में रावणा राजपूत महासभा ने ओबीसी आयोग के सर्वेक्षण को अविश्वसनीय बताते हुए आंकड़े सार्वजनिक करने और जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
HIGHLIGHTS
- रावणा राजपूत समाज ने ओबीसी सर्वेक्षण को अविश्वसनीय और भ्रामक बताया।
- सर्वेक्षण के आंकड़े तत्काल सार्वजनिक करने की मांग की गई।
- जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की प्रमुख मांग।
- समाज के विभिन्न पदनामों को हटाकर 'रावणा राजपूत' एक नाम करने का आग्रह।
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सर्वेक्षण पर उठाए गंभीर सवाल
महासभा के जिलाध्यक्ष राजूसिंह राजपुरा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि 5 अगस्त को सर्वेक्षण से संबंधित जो आंकड़े सामने आए हैं, वे राजस्थान के ओबीसी वर्ग की किसी भी जाति में संतोष और विश्वास पैदा नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि विभिन्न समाचार माध्यम इस सर्वेक्षण को जातिगत जनगणना के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि यह वास्तविक जातिगत जनगणना नहीं, बल्कि केवल आयोग द्वारा कराया गया एक सर्वेक्षण है।
सर्वेक्षण प्रक्रिया में खामियां
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ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान के कई शहरों और गांवों में ऐसे अनेक ओबीसी परिवार हैं, जिनसे सर्वेक्षण के दौरान कोई संपर्क ही नहीं किया गया।
यह भी आरोप लगाया गया कि कई प्रगणकों ने मतदाता सूची के आधार पर केवल अनुमानित जाति के आधार पर ही डेटा एंट्री कर दी, जिससे आंकड़ों की सटीकता पर संदेह है।
समाज द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें
रावणा राजपूत समाज ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सामने रखा है।
- रिपोर्ट सार्वजनिक हो: आयोग की संपूर्ण रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक किया जाए।
- स्पष्ट अंतर: सर्वेक्षण और जातिगत जनगणना के बीच का अंतर स्पष्ट किया जाए।
- विस्तृत आंकड़े: गांव, वार्ड, तहसील और जिलेवार सभी जातियों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं।
- आरक्षण बढ़े: ओबीसी आरक्षण को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाया जाए।
- विशेष प्रावधान: जिन जातियों का प्रतिनिधित्व कम है, उनके लिए विशेष प्रावधान किए जाएं।
- टीएसपी क्षेत्र में आरक्षण: टीएसपी क्षेत्र में भी ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
- स्वतंत्र समीक्षा: सर्वेक्षण की स्वतंत्र समीक्षा और डेटा का सत्यापन कराया जाए।
- एक नाम: रावणा राजपूत समाज के विभिन्न पदनामों को हटाकर केवल 'रावणा राजपूत' एक ही नाम किया जाए।
इस अवसर पर युवा जिलाध्यक्ष सूर्यपालसिंह, दलपतसिंह आर्य, सुरेशसिंह नरसाणा, हड़मतसिहं बाकरा, किशनसिंह राठौड़ कवराडा, हड़मतसिंह, छोगसिंह, रमेशसिंह, छगनसिंह बाकरा, और गणपतसिंह समेत बड़ी संख्या में रावणा राजपूत समाज के लोग मौजूद थे।