साउथेम्प्टन |
Cricket: इंग्लैंड से हार पर बोले अय्यर, बताई अपनी गलती और चूक की वजह
इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से टी20 सीरीज हारने पर निराश भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी गलती स्वीकार की और फील्डर्स को भी हार का एक कारण बताया।
HIGHLIGHTS
- भारत को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-4 से करारी हार का सामना करना पड़ा।
- कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।
- अय्यर ने खराब फील्डिंग और छूटे हुए कैचों को हार का एक प्रमुख कारण बताया।
- उन्होंने कहा कि टीम ने पार्टनरशिप बनाने के बजाय लक्ष्य का पीछा करने पर ज्यादा ध्यान दिया।
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भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया को 4-0 से करारी हार का सामना करना पड़ा है। सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से धुल गया था, जिसके बाद भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत सकी।
शनिवार को साउथेम्प्टन में खेले गए 5वें और आखिरी टी20 मैच में भारत को 56 रनों से हार मिली। इस बड़ी हार के बाद निराश कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपनी गलती स्वीकार की और बताया कि आखिर टीम से कहां चूक हो गई।
'अभी बहुत कुछ सीखना है' - श्रेयस अय्यर
मैच के बाद जब श्रेयस अय्यर से पूछा गया कि इस सीरीज से टीम को क्या सीख मिली, तो उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी।
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उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, अभी बहुत कुछ सीखना है। सबसे पहले, कंडीशन, अवेयरनेस और विकेट के हिसाब से खुद को ढालना सीखना है।"
विकेट और अप्रोच पर बोले अय्यर
अय्यर ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि हमने जिस भी ग्राउंड पर खेला, यह शायद अब तक का सबसे अच्छा विकेट था। आपने देखा कि आज जब हमने बैटिंग की, तो हमारा अप्रोच बिल्कुल अलग था। बतौर प्रोफेशनल्स हमें इन सभी कंडीशन से सीखने और अवेयर रहने की जरूरत है।"
खराब फील्डिंग बनी हार की वजह?
अय्यर ने टीम की फील्डिंग को हार के मुख्य कारणों में से एक बताया। उन्होंने इस पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि टीम को इस क्षेत्र में बहुत काम करने की जरूरत है।
'फील्डिंग पर काम करने की बहुत जरूरत'
जब उनसे मुख्य सीख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह जरूरी है कि हम जितना हो सके कम्युनिकेट करें कि हम यहां और बेहतर क्या कर सकते थे? मैच जीतने में फील्डिंग का अहम रोल होता है, तो यह एक ऐसी चीज है, जिस पर हमें बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत है।"
उन्होंने विदेशी परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा, "खासकर जब आप ओवरसीज कंडीशन में आते हैं और ग्राउंड का डाइमेंशन बिल्कुल अलग होता है। इसलिए आप जितनी जल्दी अडैप्ट करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।"
'हमने कुछ अहम कैच छोड़े'
अय्यर ने स्वीकार किया कि टीम ने मैच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कैच छोड़े, जिससे इंग्लैंड को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली।
डिलीवरी के चुनाव पर उन्होंने कहा, "खासकर इस ट्रैक पर जहां यह एक बेल्टर था, हम शायद ब्लफ कर सकते थे, लेकिन हमने कुछ कैच भी छोड़े, जिससे शायद हमें टोटल में थोड़ा नुकसान हुआ।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर वो कैच पकड़ लिए जाते तो हम लगभग 220 से 225 के टारगेट का पीछा कर रहे होते। यह शायद सबसे अच्छे चेज में से एक होता, जो हम कर सकते थे। लेकिन बदकिस्मती से हमें वह मौका नहीं मिला। उम्मीद है जैसा कि हमने पहले बताया, यह बहुत अच्छी सीख है।"
बल्लेबाजी में कहां हुई चूक?
भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए पावरप्ले में ही कई विकेट गंवा बैठी, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया।
'पार्टनरशिप बनाने के बजाय चेज के पीछे गए'
पावरप्ले में विकेट गिरने पर श्रेयस ने कहा, "हम क्लस्टर में हारे और पार्टनरशिप बनाने के बजाय हम चेज के पीछे जा रहे थे, जो इन विकेटों पर आप खास तौर पर नहीं कर सकते।"
उन्होंने रणनीति पर बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि आपको शायद इस तरह की अवेयरनेस होनी चाहिए। इसलिए थोड़ा समय लें और अपने खास बॉलर्स को टारगेट करें।"
इंग्लैंड के गेंदबाजों की तारीफ
अंत में अय्यर ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि बॉलिंग में उनका एग्ज़िक्यूशन एकदम सही था। उन्होंने यहां बहुत क्रिकेट खेला है। इसलिए मुझे पक्का यकीन है कि वे अपने मार्क के टॉप पर थे।"
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