thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सिरोही: पहले रेवदर थाने का कांस्टेबल बर्खास्त, अब डीएसपी एपीओ

गणपत सिंह मांडोली

रेवदर में सट्टे और ड्रग्स फैक्ट्री के खुलासे के बाद डीएसपी मनोज गुप्ता पर गिरी गाज।

HIGHLIGHTS

  • - क्षेत्र में पकड़ा गया सट्टे का कारोबार व एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री
sirohi dsp manoj gupta apo constable dismissed gambling drugs

सिरोही | रेवदर में कार्यरत पुलिस उप अधीक्षक मनोजकुमार गुप्ता को एपीओ किया गया है। सोमवार को पुलिस महानिदेशक राजीवकुमार शर्मा की ओर से जारी किए गए आदेश के तहत प्रशासकीय आधार पर कार्यवाही किया जाना दर्शाया है। इसमें डीएसपी गुप्ता को तुरंत प्रभाव से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा गया है। वैसे हाल ही में रेवदर थाने के कांस्टेबल प्रभुराम को बर्खास्त किया जा चुका है। पूर्व विधायक के कृषि कुएं पर पकड़ में आए जुआ-सट्टा कारोबार में उसकी मिलीभगत का आरोप को लेकर यह कार्रवाई की गई थी।  

कहीं जिम्मेदारी तो तय नहीं की
बताया जा रहा है कि रेवदर क्षेत्र में लगातार हो रहे आपराधिक मामलों में पुलिस अधिकारियों की शिथिलता सामने आई है। पूर्व विधायक के कृषि कुएं पर जुआ-सट्टे का मामला व दांतराई के समीप एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ में आने के बाद भी किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई। लिहाजा डीएसपी पर हुई यह कार्यवाही इसी संदर्भ में देखी जा रही है।

सामने आ चुकी है अनुसंधान में लापरवाही
रेवदर डीएसपी मनोजकुमार गुप्ता पर पूर्व में जांच को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप लग चुके हैं। अनुसंधान में लापरवाही को लेकर पॉक्सो कोर्ट नाराजगी जता चुका है। कोर्ट ने इस सम्बंध में पुलिस महानिदेशक को आदेश जारी कर रेवदर डीएसपी को प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए थे। करीब नौ माह पहले अनादरा थाना क्षेत्र के एक मामले में लापरवाही पूर्व अनुसंधान को देखते हुए कोर्ट ने प्रशिक्षण के निर्देश दिए थे।
 
सट्टे में खादी व खाकी का गठजोड़
बताया जा रहा है कि रेवदर क्षेत्र में पूर्व विधायक के कुएं पर पकड़े गए जुए के मामले में चर्चा है कि पर्दे के पीछे कुछ प्रभावशाली चेहरे भी सक्रिय हैं, जो इस पूरे खेल में जुड़े हुए हैं। मामले में सबसे अहम दो नामों को लेकर ज्यादा चर्चा हो रही है। खाकी से जुड़ा एक चेहरा और सत्ता पक्ष से नजदीकी रखने वाला स्थानीय नेता इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। अब यह देखने वाली बात है कि इन पर कब कोई कार्रवाई होती है।

खंगालनी चाहिए आरोपियों की कॉल डिटेल
जुआ सट्टे का पूरा कारोबार जिस जगह से पकड़ा था वह पूर्व विधायक का कुआं है। यह सब जानते हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले में ज्यादा कुछ बताने से असमर्थ दिखे। घटनास्थल  के बारे में प्रारंभ से ही बताते रहे कि जांच के बाद ही कुछ कह सकते हंै। हाल ही में इस मामले में कांस्टेबल प्रभुराम कोली को मिलीभगत के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया। वैसे जुआ-सट्टा व नशा फैक्ट्री से जुड़े आरोपियों एवं बर्खास्त कांस्टेबल की कॉल डिटेल खंगाली जाए तो कई खुलासे हो सकते हैं। पूरा मामला पूर्व विधायक के कृषि कुएं से जुड़ा हुआ है इसलिए उच्च स्तर पर इसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन एक कांस्टेबल को बर्खास्त कर एक तरह से मामले का पटाक्षेप कर दिया गया।

शेयर करें: