सिरोही। जिले में एक नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिवार की ओर से पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर बालिका की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है।
नाबालिग की संदिग्ध मौत, जांच की मांग: सिरोही में नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
सिरोही जिले में नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया है। परिवार ने हत्या की आशंका जताते हुए एक युवक पर कथित दुष्कर्म, धमकी और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
HIGHLIGHTS
- नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग।परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर हत्या की आशंका जताई।एक युवक पर कथित दुष्कर्म, धमकी और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए।मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग।परिवार ने संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया।आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
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परिवाद के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में बालिका अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थी। परिजनों ने मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि इसके पीछे गंभीर घटनाक्रम हो सकता है, जिसकी गहराई से जांच आवश्यक है।
युवक पर लगाए गंभीर आरोप
परिवार की ओर से दिए गए परिवाद में एक युवक पर बालिका के साथ कथित दुष्कर्म, धमकी और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि युवक ने काम सिखाने के बहाने बालिका को अपने संपर्क में रखा और उसे एक मोबाइल फोन भी दिया था।
परिजनों के अनुसार, घटना से पहले बालिका भयभीत रहने लगी थी। परिवार का दावा है कि बालिका के संपर्क में रहने वाली कुछ अन्य छात्राओं से बातचीत के दौरान भी मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। परिजनों ने पुलिस से इन सभी तथ्यों की जांच करने की मांग की है।
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ये सभी आरोप फिलहाल परिवार की ओर से दिए गए परिवाद और उनके दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की मांग
परिजनों ने पुलिस से बालिका को कथित रूप से दिए गए मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से घटना से पहले के घटनाक्रम और बालिका के संपर्क में रहे लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
परिवार ने बालिका के संपर्क में रही छात्राओं और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज करने की भी मांग की है। साथ ही उपलब्ध भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्यों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण कराने का आग्रह किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में जांच की मांग
परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के माध्यम से बालिका की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जाना चाहिए।
परिवार ने मांग की है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले में पुलिस की जांच के निष्कर्ष और परिवाद में लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। आरोपों की वास्तविकता निष्पक्ष जांच, संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
गोपनीयता संबंधी नोट: पीड़ित बालिका और उसके परिवार की पहचान सुरक्षित रखने के लिए उनका नाम, पता, गांव, विद्यालय, तस्वीर, परिवार के सदस्यों की पहचान और अन्य व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित नहीं किए गए हैं। आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।