जयपुर | राजस्थान के बहुचर्चित 960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। आज रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में पेश किया गया।
सुबोध अग्रवाल को न्यायिक हिरासत: JJM घोटाला: पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को कोर्ट ने भेजा जेल, ACB की रिमांड याचिका हुई खारिज
960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। उन्होंने एसीबी पर मीडिया में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
HIGHLIGHTS
- पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को 960 करोड़ के JJM घोटाले में न्यायिक हिरासत मिली।
- एसीबी ने दो दिन की पुलिस कस्टडी मांगी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
- सुबोध अग्रवाल ने कोर्ट परिसर में एसीबी अधिकारियों पर मीडिया में खबरें लीक करने का आरोप लगाया।
- वकीलों ने जान का खतरा बताते हुए विशेष जेल और कड़ी सुरक्षा की मांग की है।
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एसीबी ने पूछताछ के लिए सुबोध अग्रवाल की दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की थी। हालांकि, उनके वकीलों ने इस मांग का कड़ा विरोध किया। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
एसीबी पर भड़के सुबोध अग्रवाल
कोर्ट परिसर में सुबोध अग्रवाल का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। उन्होंने खुलेआम एसीबी अधिकारियों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। अग्रवाल ने पूछा कि जांच में सहयोग के बावजूद मीडिया में गलत खबरें क्यों दी जा रही हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा, "आप कह रहे हैं कि मैंने सवालों का जवाब नहीं दिया, जबकि मैंने पूरा सहयोग किया है।" उन्होंने मीडिया में बार-बार आ रही नकारात्मक रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए और जवाब मांगा।
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तबीयत और सुरक्षा का हवाला
गौरतलब है कि मंगलवार शाम पूछताछ के दौरान सुबोध अग्रवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालांकि, मेडिकल जांच में उनकी सभी रिपोर्ट सामान्य आई हैं। इसके बाद ही उन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया।
सुबोध अग्रवाल के वकील ने कोर्ट में उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला बहुत बड़ा है और इसमें कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में उनकी जान को खतरा हो सकता है।
विशेष जेल की मांग
वकील ने कोर्ट से प्रार्थना की है कि सुबोध अग्रवाल को विशेष जेल (स्पेशल सेल) में रखा जाए। साथ ही, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। कोर्ट इस प्रार्थना पत्र पर जल्द ही अपना फैसला सुना सकती है।
यह पूरा मामला राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत हुए करोड़ों के टेंडर और कार्यान्वयन में भारी अनियमितताओं से जुड़ा है। सुबोध अग्रवाल इस दौरान विभाग के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे, जिससे वह जांच के घेरे में आए।
यह मामला अब राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर रहा है। भ्रष्टाचार की परतें अब धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही हैं, जिससे कई बड़े अधिकारियों की नींद उड़ गई है।
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