बजता है चांदी का नगाड़ा: राजस्थान में माता के इस मंदिर में दी जाती थी नरबलि, आज भी राजपरिवार की ओर से आती है विशेष पोषाक
वर्षों पहले नवरात्रों में सप्तमी और अष्ठमी की मध्य रात्रि में निशा पूजन के बाद यहां महाराजा व सामंत बकरों और भैंसों की बलि दिया करते थे। इसके अलावा ये...