काराकस | वेनेज़ुएला में एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। 7.5 तीव्रता के झटकों से राजधानी काराकस में चल रहा बेसबॉल मैच भी रुक गया और खिलाड़ी मैदान छोड़कर भाग निकले। देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है।
वेनेज़ुएला में भूकंप: स्टेडियम से भागे खिलाड़ी, इमरजेंसी लागू
वेनेज़ुएला में 7.5 तीव्रता के भूकंपों से भारी तबाही। बेसबॉल मैच रुका, देश में इमरजेंसी की घोषणा।
HIGHLIGHTS
- वेनेज़ुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए।
- राजधानी काराकस में बेसबॉल मैच के दौरान खिलाड़ी और दर्शक स्टेडियम से भागे।
- देश में इमरजेंसी की घोषणा, स्कूल-कॉलेज और एयरपोर्ट बंद।
- भूकंपों के बाद करीब 20 आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए।
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बेसबॉल मैच के बीच दहशत का माहौल
जिस समय भूकंप के विनाशकारी झटके महसूस किए गए, उस वक्त राजधानी काराकस के स्टेडियम में एक महत्वपूर्ण बेसबॉल मैच चल रहा था।
अचानक पूरी धरती तेज़ी से हिलने लगी, जिससे स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ी और हज़ारों दर्शक बुरी तरह घबरा गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
अपनी जान बचाने के लिए लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। खिलाड़ी और दर्शक सब कुछ छोड़कर तुरंत स्टेडियम से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
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सरकार ने की इमरजेंसी की घोषणा
देश में बने गंभीर हालात को देखते हुए वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने एक संबोधन में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है।
उन्होंने बताया कि 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो मुख्य भूकंपों के बाद लगभग 20 आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए हैं, जिससे खतरा अभी भी बना हुआ है।
राष्ट्रपति ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल अपने घरों से बाहर रहें और बचाव कार्य में लगी एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दें।
एहतियात के तौर पर देश भर के सभी स्कूल-कॉलेजों को अगली सूचना तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा, रेलवे नेटवर्क को हुए नुकसान की आशंका के चलते सभी ट्रेन सेवाओं को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
भूकंप से हुए नुकसान के कारण राजधानी के मुख्य काराकस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी बंद करना पड़ा है, जिससे हवाई यातायात ठप हो गया है।
कहाँ और कब आए भूकंप?
यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, 7.2 तीव्रता का पहला भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 3:34 बजे सैन फेलिप शहर के पास आया।
इसकी गहराई ज़मीन से 21.9 किलोमीटर नीचे थी। इसके ठीक 38 सेकंड बाद, सुबह 3:35 बजे युमारे कस्बे के पास 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया।
यह दूसरा भूकंप ज़्यादा विनाशकारी था क्योंकि इसकी गहराई महज़ 10 किलोमीटर थी, जिससे सतह पर इसका प्रभाव कहीं ज़्यादा महसूस किया गया।
बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी
इन शक्तिशाली भूकंपों के कारण कई रिहायशी इमारतें और घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं। मलबे में बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है।
सरकार ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है। सेना और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों का आंकड़ा 10,000 से 1,00,000 तक पहुंचने की भयावह आशंका जताई जा रही है।
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