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राजस्थान

आबू रोड हाईवे विवाद: 6-लेन हाईवे: सर्विस रोड का मुद्दा केंद्र तक पहुंचा

गणपत सिंह मांडोली

आबू रोड हाईवे के प्रस्तावित 6-लेन विस्तार को लेकर सर्विस रोड के लिए भूमि सुरक्षित रखने का मामला गरमा गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में नितिन गडकरी को पत्र लिखा है।

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HIGHLIGHTS

  • आबू रोड हाईवे के 6-लेन विस्तार से पहले सर्विस रोड का मुद्दा केंद्र तक पहुंचा।केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने नितिन गडकरी को पत्र लिखकर भूमि सुरक्षित रखने का आग्रह किया।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईवे के 75 मीटर तक व्यावसायिक निर्माण पर रोक लगी।पत्र में क्षेत्र के मॉल्स और आवासीय योजनाओं के निर्माण की जांच की भी मांग की गई है।
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सिरोही | आबू रोड के निकट कराईफली गांव क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रस्तावित 6-लेन विस्तार से पहले सर्विस रोड के लिए भूमि सुरक्षित रखने का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय राज्य मंत्री ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखा है।

केंद्रीय मंत्री ने गडकरी को लिखा पत्र

केंद्रीय राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कराईफली-सांथपुर-आबू रोड क्षेत्र में भविष्य की सर्विस रोड की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सुविधा का हवाला

केंद्रीय मंत्री जाधव ने अपने पत्र में श्रीमती उषा ए. सोलंकी के एक विस्तृत प्रतिनिधित्व को भी संलग्न किया है। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान 4-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 6-लेन में विस्तारित करने की योजना के दौरान अतिरिक्त सर्विस रोड की आवश्यकता पड़ सकती है।

विशेष रूप से, अंबाजी जाने वाले श्रद्धालुओं और कराईफली गांव के स्थानीय निवासियों की सुगम आवाजाही को देखते हुए सर्विस रोड के लिए पर्याप्त भूमि सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक बताया गया है।

नो-कंस्ट्रक्शन जोन में भूमि शामिल करने की मांग

पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि भविष्य में आवश्यक होने वाली सर्विस रोड के लिए भूमि को संबंधित नो-कंस्ट्रक्शन जोन की योजना में शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाद में उक्त कॉरिडोर पर किसी भी प्रकार के आवासीय या व्यावसायिक निर्माण होने से सर्विस रोड के निर्माण में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

निर्माणों की जांच का भी आग्रह

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा है कि कराईफली-सांथपुर-आबू रोड क्षेत्र में भविष्य के विकास, निर्माण स्वीकृतियों और भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति देते समय कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इनमें प्रस्तावित सर्विस रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग के लागू नियम तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश शामिल हैं।

मॉल्स और आवासीय योजना पर उठे सवाल

इस मामले में आबू सेंट्रल मॉल और एक निर्माणाधीन नए मॉल की स्थिति की भी जांच कराने का आग्रह किया गया है। पत्र में यह मांग की गई है कि इन दोनों निर्माणों की राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्धारित नो-कंस्ट्रक्शन जोन के संबंध में स्थिति का सत्यापन किया जाए।

यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, इसी क्षेत्र में टीएफआई की ओर से मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत बनाए जा रहे फ्लैट्स को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर, डीसी सहित अन्य उच्च स्तरीय अधिकारियों को शिकायत प्रस्तुत कर निर्माण की जांच कराने की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बदले नियम

इसी बीच, राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास निर्माण और भूमि उपयोग को लेकर राजस्थान सरकार ने भी एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की अनुपालना में उठाया गया है।

40 और 75 मीटर का प्रतिबंध

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र बिंदु से 40 मीटर तक आवासीय तथा 75 मीटर तक नए ढाबे, भोजनालय और व्यावसायिक निर्माण के लिए भूमि संपरिवर्तन को प्रतिबंधित कर दिया है।

राजस्व (ग्रुप-6) विभाग की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर सुओ मोटो रिट याचिका ‘इन रे: फलोदी एक्सीडेंट बनाम नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया एवं अन्य’ में 13 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के बाद की गई है।

राज्य सरकार का परिपत्र जारी

परिपत्र के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग के केंद्र बिंदु से 40 मीटर तक किसी भी प्रकार के आवासीय निर्माण, संचालन अथवा उपयोग के लिए भूमि संपरिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। वहीं, केंद्र बिंदु से 75 मीटर की सीमा के भीतर नए ढाबे, भोजनालय अथवा अन्य व्यावसायिक निर्माण, संचालन और उपयोग के लिए भी भूमि संपरिवर्तन प्रतिबंधित रहेगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के आदेश की अनुपालना में लागू की गई है।

मामले का महत्व बढ़ा

कराईफली-सांथपुर-आबू रोड क्षेत्र में प्रस्तावित 6-लेनिंग, भविष्य की सर्विस रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास हो रहे निर्माणों का मुद्दा इन नए सरकारी निर्देशों के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने नितिन गडकरी से मामले की जांच कर संबंधित अधिकारियों को प्रतिनिधित्व और संलग्न दस्तावेजों का परीक्षण करने का अनुरोध किया है। साथ ही, उन्होंने आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को उचित निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया है।

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