जयपुर | अलवर के ईटाराणा सैन्य छावनी से जासूसी के आरोप में पकड़े गए जोधपुर निवासी कुंदन विश्नोई के मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी के मोबाइल से 900 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और पाकिस्तान से पैसे आने के सबूतों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। आरोपी से अब जयपुर में गहन पूछताछ की जा रही है।
अलवर जासूसी कांड: 900+ कॉल, पाक से पैसा, IB की पूछताछ
जोधपुर का छात्र अलवर कैंट से गिरफ्तार। मोबाइल से 900 अंतरराष्ट्रीय कॉल और पाकिस्तान से पैसे आने के सबूत मिले।
HIGHLIGHTS
- अलवर के ईटाराणा सैन्य छावनी से जोधपुर का 20 वर्षीय छात्र कुंदन विश्नोई गिरफ्तार।
- आरोपी के मोबाइल से 900 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कॉल के सबूत, ज्यादातर पाकिस्तान में किए गए।
- जांच में पाकिस्तान से आरोपी के पास धन पहुंचने के भी पुख्ता सबूत मिले हैं।
- जयपुर में आईबी और राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा की टीमें कर रहीं गहन पूछताछ।
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जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
जांच के दौरान आरोपी कुंदन के मोबाइल फोन से 900 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कॉल किए जाने की बात सामने आई है। इनमें से सैकड़ों बार पाकिस्तान के एक ही नंबर पर बात की गई थी। इसके अलावा हांगकांग के नंबरों से भी संपर्क साधा गया था।
एजेंसियों को शक है कि पकड़े जाने के डर से उसने बड़ी मात्रा में डेटा डिलीट कर दिया था। इस डेटा में सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हो सकती हैं।
पाकिस्तान से फंडिंग और हनी ट्रैप का एंगल
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सूत्रों के अनुसार, जांच में आरोपी के पास पाकिस्तान से धन पहुंचने के भी पुख्ता सबूत मिले हैं। वह सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए अलवर कैंट और आसपास की युवतियों से दोस्ती करता था।
आरोपी इन युवतियों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें महंगे उपहार भेजता था। उसके फोन से कुछ अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बरामद हुए हैं, जिससे हनी ट्रैप का एंगल भी मजबूत हो रहा है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल से रिकवर किया जा रहा डिजिटल साक्ष्य इस मामले में कई अहम खुलासे कर सकता है और एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
20 वर्षीय कुंदन विश्नोई जोधपुर का रहने वाला है और बीए सेकंड ईयर का छात्र है। उसे 14 जून को अलवर के ईटाराणा सैन्य छावनी क्षेत्र से संदिग्ध गतिविधियों के कारण हिरासत में लिया गया था।
उस समय वह एक छात्रा से बात कर रहा था और उसकी हरकतें संदिग्ध लगने पर आर्मी इंटेलिजेंस ने उससे पूछताछ शुरू की। मामला गंभीर लगने पर इसे एमआईए थाना पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों को सौंप दिया गया।
फिलहाल, आईबी और राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा की टीमें जयपुर में आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। साइबर विशेषज्ञों की मदद से उसके फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का काम तेजी से चल रहा है, ताकि यह पता चल सके कि उसने कौन-सी गोपनीय सूचनाएं साझा की हैं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
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