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भारत

आशा भोसले के निधन पर अमित शाह का शोक: सुरों की मल्लिका आशा भोसले के निधन पर गृह मंत्री अमित शाह ने जताया गहरा शोक, कहा- संगीत जगत की अपूरणीय क्षति

मानवेन्द्र जैतावत

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने आशा ताई के योगदान को याद करते हुए उन्हें भारतीय संगीत की एक अद्वितीय और अमिट पहचान बताया है।

HIGHLIGHTS

  • अमित शाह ने आशा भोसले के निधन को संगीत जगत और व्यक्तिगत रूप से अपने लिए एक बड़ी क्षति बताया।
  • आशा ताई ने हिंदी, मराठी, बांग्ला और तमिल सहित कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
  • गृह मंत्री ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा और हर तरह के संगीत में ढल जाने की क्षमता की सराहना की।
  • शाह ने उनके सादगीपूर्ण व्यवहार और आत्मीयता को याद करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
amit shah condoles death of legendary singer asha bhosle

नई दिल्ली | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने विश्व प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले जी के निधन पर अपनी गहरी और भावुक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने इसे भारतीय कला जगत के लिए एक अत्यंत दुखद दिन बताया। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि आज हर भारतीय और विशेषकर संगीत प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति का दिन है। आशा ताई की मधुर आवाज ने दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया।

भारतीय संगीत की एक अद्वितीय धरोहर

गृह मंत्री ने उल्लेख किया कि आशा भोसले जी ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और सुरों के माध्यम से भारतीय संगीत को एक नई ऊंचाई और समृद्धि प्रदान की। उनकी आवाज में वह जादू था जो किसी भी पीढ़ी के श्रोता को मंत्रमुग्ध कर देता था। उन्होंने कहा कि आशा ताई की सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहुमुखी प्रतिभा थी। वह शास्त्रीय संगीत से लेकर आधुनिक गानों, गजल और लोकगीतों तक, हर शैली में खुद को बखूबी ढाल लेती थीं। उनकी यह कला उन्हें विश्व स्तर पर महान बनाती थी।

भाषाई सीमाओं से परे एक जादुई सफर

आशा जी की आवाज केवल एक भाषा या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती और कई अन्य भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज के जरिए अमिट छाप छोड़ी है। अमित शाह ने कहा कि उनके द्वारा गाए गए लोकगीत आज भी जन-जन की जुबान पर बसे हुए हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति और संगीत की विविधता को अपनी आवाज के जरिए वैश्विक मंच पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

सादगी और आत्मीयता से भरा व्यक्तित्व

गृह मंत्री ने आशा ताई के साथ अपनी व्यक्तिगत मुलाकातों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनकी आवाज में जितनी कोमलता और मिठास थी, उनके स्वभाव में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता रची-बसी थी। शाह ने साझा किया कि जब भी उनसे मुलाकात होती थी, संगीत, कला और संस्कृति जैसे विविध विषयों पर उनके साथ लंबी और प्रेरणादायक चर्चाएं हुआ करती थीं। उनका जाना उनके प्रशंसकों के लिए एक व्यक्तिगत शून्य पैदा कर गया है।

सदैव जीवंत रहेगी आशा ताई की विरासत

अंत में, अमित शाह ने कहा कि भले ही आशा जी आज शारीरिक रूप से हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी विरासत अमर है। उनकी आवाज सदैव संगीत प्रेमियों के दिलों और भारतीय संस्कृति के इतिहास में गूंजती रहेगी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि आशा जी की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। इसके साथ ही, उन्होंने उनके शोक संतप्त परिजनों और दुनियाभर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं।

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