बेटियों को समान अवसर: दीया कुमारी: उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का जोधपुर दौरा: कहा- बेटियों को समान अवसर मिले तो रोशन करेंगी देश का नाम

जोधपुर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रतिभा सम्मान समारोह और महिला उद्यमी सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने बेटियों की शिक्षा और महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया।

जोधपुर | राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बेटियों की प्रगति और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। जोधपुर के प्रवास के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समाज में बेटों और बेटियों के बीच कोई अंतर नहीं होना चाहिए और दोनों को विकास के समान अवसर मिलने चाहिए।

दीया कुमारी का मानना है कि यदि हमारी बेटियों को सही मार्गदर्शन और पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएं, तो वे न केवल अपने परिवार का मान बढ़ाएंगी, बल्कि पूरे देश और प्रदेश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करने की क्षमता रखती हैं। उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की मानसिकता में बदलाव लाना आवश्यक है ताकि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

उपमुख्यमंत्री ने रविवार को जोधपुर में मारवाड़ राजपूत सभा द्वारा आयोजित एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस विशेष समारोह के दौरान समाज की उन होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं, खेलकूद और सामाजिक सेवा जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट और स्मरणीय प्रदर्शन किया है। दीया कुमारी ने व्यक्तिगत रूप से इन मेधावी युवाओं को स्मृति चिन्ह भेंट किए और उन्हें माला पहनाकर उनके भविष्य के प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सफलता ही समाज की असली पूंजी है और उन्हें सही दिशा दिखाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

प्रतिभाओं का सम्मान और सामाजिक प्रेरणा का महत्व

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समाज की उभरती हुई प्रतिभाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना एक बहुत ही सराहनीय और प्रेरणादायी पहल है। इस तरह के आयोजनों से न केवल सम्मानित होने वाले युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि समाज के अन्य बच्चों और युवाओं को भी कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने समाज के उन भामाशाहों और दानदाताओं का भी विशेष आभार व्यक्त किया जिन्होंने सामाजिक विकास, शिक्षा के बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी कार्यों में अपना महत्वपूर्ण वित्तीय और नैतिक योगदान दिया है। इस गरिमामय कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मारवाड़ राजपूत सभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह जी खांगटा भी मंच पर आसीन रहे। साथ ही विधायक हमीर सिंह भायल, बिहार से आए विधायक चेतन आनंद, पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह जसोल और पूर्व मंत्री शंभू सिंह खेतासर ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में पूर्व विधायक जालम सिंह रावलोत, करण सिंह उचियारडा और महंत सत्यम गिरी महाराज जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भी भाग लिया, जिससे समारोह की महत्ता और बढ़ गई। प्रशासनिक अधिकारियों में अजमेर संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ और कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु वीरेंद्र सिंह जैतावत भी मौजूद रहे।

महिला उद्यमी सम्मेलन और आत्मनिर्भरता का नया संकल्प

अपने जोधपुर दौरे के अगले चरण में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी जोधपुर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय महिला उद्यमी सम्मेलन में सम्मिलित हुईं। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के एक भाग के रूप में जिला प्रशासन जोधपुर, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं से अवगत कराना था। यहाँ दीया कुमारी ने सफल महिला उद्यमियों और प्रतिभावान बालिकाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। दीया कुमारी ने इस अवसर पर महिलाओं से आत्मनिर्भर बनने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में महिलाएं तेजी से स्वावलंबी बन रही हैं और वे अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। आज की नारी व्यापार, लघु उद्योग और बड़े औद्योगिक घरानों में अपनी कुशलता का लोहा मनवा रही है। उपमुख्यमंत्री ने महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों और उनके नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह मेहनत राजस्थान को एक औद्योगिक हब बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन और सरकारी योजनाओं का प्रभाव

उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर नई और प्रभावी योजनाएं संचालित कर रही है। प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट मानना है कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है जब देश की आधी आबादी यानी नारी शक्ति पूरी तरह से सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर हो। दीया कुमारी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि अब वह समय आ गया है जब शहरों के साथ-साथ सुदूर गांवों की महिलाएं भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जैसे लखपति दीदी और मुद्रा योजना, का लाभ अब समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँच रहा है। इन योजनाओं ने महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में बड़ी मदद की है। उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

अवसरों को पहचानें और अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं

अंत में दीया कुमारी ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय असीम अवसरों से भरा हुआ है। डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप संस्कृति ने महिलाओं के लिए घर बैठे भी काम करने के नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने महिलाओं से अपनी आंतरिक शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी चुनौती से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें दृढ़ संकल्प के साथ अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इस प्रेरणादायक सम्मेलन में लघु उद्योग भारती की अखिल भारतीय सचिव अंजू बजाज, संयुक्त निदेशक पूजा मेहरा सुराणा और कथावाचक प्रियंवदा सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित थीं। सभी वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उपमुख्यमंत्री के विजन की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जोधपुर की ये प्रतिभाएं और उद्यमी महिलाएं आने वाले समय में राजस्थान के विकास की नई इबारत लिखेंगी। उनके इस दौरे ने स्थानीय समुदायों और विशेषकर महिलाओं में एक नया उत्साह और आत्मविश्वास भरने का काम किया है।