जयपुर | राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक कवायद तेज कर दी है। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पंचायत चुनाव की तैयारी में भाजपा: पंचायत चुनाव की रणनीति पर भाजपा का मंथन, सभी 41 जिला परिषदों में बहुमत का दावा
भाजपा प्रदेश कार्यालय में मदन राठौड़ की अध्यक्षता में पंचायत चुनाव की रणनीति पर संगठनात्मक बैठक हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वर्चुअल माध्यम से जुड़े। भाजपा नेताओं ने निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव में भी बहुमत मिलने का दावा किया और सभी 41 जिला परिषदों में जीत का लक्ष्य रखा।
HIGHLIGHTS
- भाजपा प्रदेश कार्यालय में पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बैठक आयोजित हुई।प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पंचायत चुनाव में भी जनता का समर्थन मिलने का दावा किया।चुनाव प्रभारी हरीश द्विवेदी ने सभी 41 जिला परिषदों में बहुमत हासिल करने का लक्ष्य रखा।राजेंद्र राठौड़ ने 309 निकायों में एक साथ हुए चुनाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की नई दिशा बताया।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और डॉ. अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, वरिष्ठ नेता ओंकार सिंह लखावत तथा सीआर चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
निकाय चुनाव के बाद पंचायतों में भी जीत का दावा
बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव में भी जनता भाजपा को आशीर्वाद देकर भारी बहुमत से विजयी बनाएगी।
राठौड़ ने कहा कि पार्टी पंचायत चुनाव के लिए संगठनात्मक स्तर पर पूरी तैयारी कर रही है। संभाग, जिला और मंडल स्तर तक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए चुनावी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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मेयर चुनाव और क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस को घेरा
महापौर चुनाव में संभावित क्रॉस वोटिंग से जुड़े सवाल पर मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भाजपा पर चुनावी प्रबंधन को लेकर आरोप लगाती थी, लेकिन अब स्वयं अपने पक्ष में क्रॉस वोटिंग होने का दावा कर रही है।
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा पार्षदों से क्रॉस वोटिंग करवाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के किसी भी प्रयास से परिणाम नहीं बदलेगा और भाजपा स्पष्ट बहुमत के साथ अपने महापौर बनाएगी।
सभी 41 जिला परिषदों में बहुमत का लक्ष्य
भाजपा के पंचायत चुनाव प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने कहा कि राजस्थान की जनता ने हालिया चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नीतियों पर भरोसा जताया है। उन्होंने इसे राष्ट्र प्रथम की भावना और राज्य सरकार के कामकाज के प्रति समर्थन बताया।
द्विवेदी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में किए गए कार्यों पर प्रदेश की जनता ने अपनी मुहर लगाई है। उन्होंने इसके लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी अब पंचायत चुनाव में सभी 41 जिला परिषदों में बहुमत हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं की वापसी
हरीश द्विवेदी ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में पार्षद पद पर 40 से 42 प्रतिशत सफलता को भी बड़ी उपलब्धि माना जाता है। राजस्थान में टिकट वितरण के दौरान भाजपा के कुछ कार्यकर्ता नाराज होकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए थे।
उन्होंने दावा किया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले भाजपा से जुड़े कई कार्यकर्ता अब वापस पार्टी में आ चुके हैं। पार्टी इन कार्यकर्ताओं को संगठन के साथ जोड़ते हुए पंचायत चुनाव में सामूहिक रूप से काम करेगी।
यूजीसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार
यूजीसी से जुड़े विवाद के सवाल पर हरीश द्विवेदी ने कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट की ओर से आने वाले आदेश के अनुरूप इस विषय पर विचार और चर्चा की जाएगी।
द्विवेदी ने कहा कि यूजीसी से जुड़े विषय का चुनाव पर कितना प्रभाव पड़ा, इसे लेकर उनके पास कोई स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के सभी समाजों और वर्गों ने भाजपा को समर्थन दिया है।
वन स्टेट-वन इलेक्शन से मिली नई दिशा: राजेंद्र राठौड़
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार 309 नगरीय निकायों के चुनाव एक साथ कराए गए। उन्होंने इस व्यवस्था को वन स्टेट-वन इलेक्शन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नई दिशा मिली है।
राठौड़ ने बताया कि भाजपा सरकार ने पहली बार प्रदेश स्तर पर निकाय चुनाव के लिए संकल्प पत्र जारी किया। इसके बाद प्रत्येक निकाय में पार्टी कार्यकर्ताओं ने संकल्प पत्र में किए गए वादों और प्रस्तावों को मतदाताओं तक पहुंचाने का काम किया।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के शहरी मतदाताओं ने भाजपा को व्यापक समर्थन दिया है। तीस से अधिक निकायों में भाजपा प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन को भी उन्होंने पार्टी के प्रति जनता के भरोसे का संकेत बताया।
कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर उठाए सवाल
राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि निकाय चुनाव के दौरान विपक्षी दल ने न तो प्रभावी घोषणा पत्र जारी किया और न ही जिला स्तर पर पर्याप्त संगठनात्मक बैठकें आयोजित कीं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सक्रिय भागीदारी भी चुनाव प्रचार में दिखाई नहीं दी।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार के कामकाज के आधार पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस चुनावी मैदान में प्रभावी रणनीति प्रस्तुत नहीं कर सकी।
दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव का भी किया उल्लेख
राजेंद्र राठौड़ ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव परिणाम का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और एनएसयूआई पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि देश के युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर विश्वास व्यक्त किया है और चुनाव परिणाम से विद्यार्थियों के राजनीतिक रुझान का संकेत मिला है।
उन्होंने कहा कि देशभर के विद्यार्थी दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हैं। ऐसे में वहां के चुनाव परिणाम को युवाओं की राजनीतिक सोच के एक संकेत के रूप में देखा जा सकता है।
संगठनात्मक रणनीति और कार्यक्रमों पर चर्चा
बैठक में भाजपा के सभी संभाग प्रभारी और प्रदेश संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। पार्टी नेताओं ने पंचायत चुनाव की तैयारियों, क्षेत्रवार राजनीतिक परिस्थितियों, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और मतदाताओं तक पहुंचने के लिए आयोजित किए जाने वाले आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की।
भाजपा ने पंचायत चुनाव में सभी 41 जिला परिषदों में बहुमत हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि इन दावों की वास्तविक परीक्षा चुनाव परिणामों के बाद ही होगी।