बस्ती | उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक ऐसी अनोखी और फिल्मी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और शादी की खुशियां हंगामे में बदल गईं।
दरोगा की बारात और प्रेमी की धमकी: बस्ती: प्रेमी की धमकी से डरा दरोगा, दुल्हन प्रेमी की हुई
बस्ती में प्रेमी ने सनी देओल स्टाइल में दी धमकी, दरोगा ने बारात ले जाने से किया इनकार।
HIGHLIGHTS
- बस्ती के दुबौलिया में प्रेमी ने 'जीत' फिल्म के अंदाज में दी दरोगा दूल्हे को धमकी।
- लखनऊ में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) ने सुरक्षा कारणों से बारात ले जाने से मना किया।
- धमकी देने वाला युवक अपनी कार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया, पुलिस ने जब्त की।
- अंत में दुल्हन के परिजनों ने उसी प्रेमी के साथ अपनी बेटी का विवाह संपन्न कराया।
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यह मामला बस्ती के दुबौलिया थाना क्षेत्र का है, जहां एक प्रेमी ने बारात निकलने से ठीक पहले दूल्हे को ऐसी धमकी दी कि उसने शादी करने से ही मना कर दिया।
बस्ती के पकड़ी चौहान गांव का पूरा मामला
दुबौलिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पकड़ी चौहान गांव के निवासी एक युवक, जो लखनऊ में पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक (दरोगा) के पद पर तैनात हैं, उनकी शादी तय हुई थी।
दरोगा जी, जिन्हें गांव में लोग प्यार से 'मेजर' भी कहते हैं, उनकी शादी 20 अप्रैल को मड़वानगर की एक युवती के साथ बड़े ही धूमधाम से होने वाली थी।
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शादी के लिए बस्ती शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में बारात के स्वागत और खाने-पीने की भव्य तैयारियां की गई थीं और दोनों ही परिवार बेहद उत्साहित थे।
सोमवार की दोपहर जब दूल्हा पूरी तरह सज-धजकर बारात निकालने की तैयारी कर रहा था, तभी गांव में एक अनजानी कार आकर रुकी और माहौल बदल गया।
सनी देओल के अंदाज में प्रेमी की खुली धमकी
कार से एक युवक उतरा और उसने खुद को दुल्हन का प्रेमी बताते हुए सरेआम गांव के बीचों-बीच चिल्लाकर दूल्हे और उसके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया।
उस युवक का अंदाज बिल्कुल फिल्म 'जीत' के सनी देओल जैसा था, जिसने चिल्लाकर कहा कि अगर बारात लेकर मड़वानगर गए, तो दूल्हा वापस जिंदा नहीं लौट पाएगा।
प्रेमी ने फिल्मी स्टाइल में ऐलान किया कि 'बारात लेकर गए तो वापस नहीं आओगे', इस धमकी ने वहां मौजूद सभी बारातियों और गांव वालों के होश उड़ा दिए।
अचानक हुई इस घटना से शादी वाले घर में अफरा-तफरी मच गई और लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर यह युवक कौन है और ऐसी बात क्यों कह रहा है।
लखनऊ के सब-इंस्पेक्टर थे दूल्हे राजा
दूल्हा खुद कानून का रखवाला यानी उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा है, लेकिन प्रेमी की इस सीधी और जानलेवा धमकी ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह हिलाकर रख दिया।
गांव वालों और दूल्हे के परिजनों ने उस युवक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह युवक अपनी कार वहीं छोड़कर मौके का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया।
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय दुबौलिया थाने को दी गई, जिसके बाद थानाध्यक्ष जीवन त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ पकड़ी चौहान गांव में पहुंच गए।
पुलिस ने मौके पर लावारिस हालत में खड़ी प्रेमी की कार को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी ताकि आरोपी को पकड़ा जा सके।
शादी के दिन हुई यह फिल्मी वारदात
पुलिस के आने के बाद लगा था कि अब मामला शांत हो जाएगा और बारात रवाना होगी, लेकिन असली ट्विस्ट तो अभी कहानी में आना बाकी था।
दरोगा दूल्हे ने प्रेमी की धमकी को इतनी गंभीरता से लिया कि उसने स्पष्ट रूप से बारात ले जाने और शादी करने से साफ इनकार कर दिया।
परिजनों ने उसे बहुत समझाने की कोशिश की कि पुलिस साथ है और उसे डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन दूल्हा अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित था।
दूल्हे का कहना था कि अगर कोई व्यक्ति सरेआम गांव में आकर जान से मारने की धमकी दे सकता है, तो वह आगे चलकर कुछ भी कर सकता है।
कार छोड़कर भागा धमकी देने वाला प्रेमी
प्रेमी जिस कार से आया था, उसे पुलिस ने जब्त कर लिया और उसके मालिक के बारे में जानकारी जुटाने लगी ताकि युवक की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
इधर दूल्हे के घर पर सन्नाटा पसर गया था क्योंकि दूल्हा किसी भी कीमत पर मड़वानगर जाने को तैयार नहीं था, जिससे शादी की रस्में बीच में ही रुक गईं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने आज तक ऐसी घटना नहीं देखी थी जहां एक पुलिस अधिकारी खुद किसी अपराधी या प्रेमी की धमकी से इतना डर जाए।
दरोगा जी का तर्क था कि वह अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में नहीं डालना चाहते, इसलिए वह इस शादी के बंधन में नहीं बंधेंगे।
पुलिस की एंट्री और दूल्हे का इनकार
दुबौलिया थानाध्यक्ष ने दूल्हे को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और कहा कि बारात के साथ पुलिस की टीम भी जाएगी, लेकिन दरोगा दूल्हा टस से मस नहीं हुआ।
दूल्हे ने कहा कि यह केवल एक दिन की बात नहीं है, शादी के बाद भी वह युवक उसकी पत्नी या उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है।
शादी वाले घर में जहां शहनाइयां बजनी चाहिए थीं, वहां अब पुलिसिया कार्रवाई और दलीलों का दौर चल रहा था, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था।
उधर वधू पक्ष के लोग होटल में बारात का इंतजार कर रहे थे और उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि बारात घर से निकली ही नहीं है।
सुरक्षा कारणों का दिया गया हवाला
दूल्हे के परिजनों ने बताया कि उनका बेटा लखनऊ में ड्यूटी करता है और वह शांतिप्रिय व्यक्ति है, इसलिए वह किसी भी तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहता।
प्रेमी की धमकी ने दूल्हे के मन में इतना डर बिठा दिया था कि उसने अपने सेहरा और शेरवानी उतार दी और सामान्य कपड़ों में वापस कमरे में चला गया।
गांव के बुजुर्गों ने भी दूल्हे को समझाने की कोशिश की कि यह केवल डराने का एक तरीका हो सकता है, लेकिन दूल्हा अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहा।
इस बीच पुलिस ने प्रेमी की कार की तलाशी ली, लेकिन उसमें से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि युवक केवल डराने आया था।
मड़वानगर में बारात का इंतजार
जब मड़वानगर में लड़की वालों को इस घटना की जानकारी मिली, तो वहां कोहराम मच गया और लड़की के पिता और भाई तुरंत दूल्हे के गांव पकड़ी चौहान पहुंचे।
लड़की पक्ष ने दूल्हे के सामने हाथ-पैर जोड़े और विनती की कि उनकी बेटी की इज्जत का सवाल है, इसलिए वह बारात लेकर जरूर आएं।
लड़की वालों ने यह भी कहा कि वे उस प्रेमी को नहीं जानते और न ही उनकी बेटी का उससे कोई संबंध है, लेकिन दूल्हा मानने को तैयार नहीं था।
होटल में सारा खाना तैयार था, मेहमान आ चुके थे, लेकिन दूल्हे के इनकार ने पूरी शादी की योजना पर पानी फेर दिया और खुशियां गम में बदल गईं।
परिजनों की मान-मनौव्वल रही नाकाम
घंटों तक चली बातचीत और पंचायत के बाद भी जब दूल्हा नहीं माना, तो लड़की पक्ष के लोग निराश होकर वापस लौटने लगे और माहौल काफी भावुक हो गया।
दूल्हा पक्ष ने भी शुरू में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में उन्होंने आपसी सहमति से इस विवाद को खत्म करने का फैसला किया।
गांव के लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया कि कैसे एक प्रेमी ने अकेले दम पर एक दरोगा की बारात को रुकवा दिया और शादी तुड़वा दी।
लड़की के परिजनों ने जब देखा कि दूल्हा किसी भी कीमत पर शादी नहीं करेगा, तो उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य को लेकर एक बड़ा फैसला लिया।
अंत में प्रेमी के साथ हुई दुल्हन की विदा
जब बारात नहीं आई और दूल्हा मुकर गया, तो दुल्हन के परिजनों ने उसी प्रेमी से संपर्क किया जिसने धमकी दी थी और उससे पूरी बात पूछी।
प्रेमी ने स्वीकार किया कि वह लड़की से प्यार करता है और इसीलिए उसने यह कदम उठाया था ताकि वह उसकी शादी किसी और से न होने दे।
आखिरकार, सामाजिक लोक-लाज और बेटी के भविष्य को देखते हुए परिजनों ने उसी प्रेमी के साथ अपनी बेटी की शादी कराने का निर्णय लिया।
जिस होटल में दरोगा की बारात का स्वागत होना था, वहां उसी प्रेमी ने दूल्हा बनकर फेरे लिए और दुल्हन को अपने साथ विदा कराकर ले गया।
पुलिस की कार्रवाई और सुलह का मामला
दुबौलिया थानाध्यक्ष जीवन त्रिपाठी ने मीडिया को बताया कि प्रेमी की कार अभी भी पुलिस के पास है और मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूल्हा पक्ष ने पहले लिखित शिकायत दी थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और उन्होंने शिकायत वापस ले ली।
"शादी के मामले में दूल्हा पक्ष ने सुरक्षा कारणों से पीछे हटने का निर्णय लिया, जिसके बाद कोई कानूनी कार्रवाई की तहरीर नहीं मिली है।" - पुलिस सूत्र
पुलिस का कहना है कि चूंकि यह एक पारिवारिक और सामाजिक मामला बन गया था, इसलिए उन्होंने भी शांति व्यवस्था बनाए रखने पर अधिक जोर दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी
बस्ती की यह घटना अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और मीम्स बना रहे हैं।
कुछ लोग दूल्हे के डरपोक होने पर सवाल उठा रहे हैं, तो कुछ प्रेमी के साहस की तुलना फिल्मी किरदारों से कर रहे हैं जिसने अपना प्यार पा लिया।
यह घटना समाज के लिए एक उदाहरण बन गई है कि कैसे आज भी फिल्मी पर्दे का असर असल जिंदगी की घटनाओं पर गहराई से पड़ता दिख रहा है।
बस्ती जिले में यह शादी अब 'जीत' फिल्म के रीमेक के तौर पर याद की जा रही है, जहां अंत में प्रेमी की ही जीत हुई और दरोगा हार गया।
घटना का सामाजिक और कानूनी प्रभाव
इस पूरे प्रकरण ने पुलिस विभाग की छवि पर भी कुछ सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि एक दरोगा का इस तरह डरना लोगों को काफी अजीब लग रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेमी के खिलाफ धमकी देने का मामला दर्ज किया जा सकता था, लेकिन सुलह ने इसे एक अलग मोड़ दे दिया है।
दुल्हन के परिवार के लिए यह एक कठिन समय था, लेकिन उन्होंने स्थिति को संभालते हुए एक ऐसा रास्ता निकाला जिससे उनकी बेटी का घर बस सके।
बस्ती का यह मामला लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहेगा क्योंकि इसमें प्यार, डर, ड्रामा और अंत में एक सुखद मिलन की सारी खूबियां मौजूद थीं।
अंततः, इस फिल्मी शादी का पटाक्षेप हो गया है, जिसमें दूल्हा बदल गया लेकिन दुल्हन की डोली उसी होटल से उठी जहां बारात आनी थी।
बस्ती पुलिस ने अब इस मामले को बंद कर दिया है क्योंकि किसी भी पक्ष ने आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई है।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी हकीकत में भी ऐसी चीजें हो जाती हैं जिन्हें हम केवल फिल्मों में देखने की उम्मीद करते हैं।
प्रेमी और दुल्हन अब एक साथ हैं, जबकि दरोगा जी अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए हैं, और गांव में शांति फिर से बहाल हो गई है।
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