बीकानेर | शिक्षा विभाग में आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्टों के माध्यम से बड़ी वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुई हैं। इन रिपोर्टों में जीएसटी-टीडीएस कटौती में कमी और कैशबुक संधारण में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं।
वित्तीय अनियमितताएं: शिक्षा विभाग में वित्तीय गड़बड़ी, सुधार के सख्त निर्देश
शिक्षा विभाग की आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्ट में जीएसटी, टीडीएस कटौती और टेंडर प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। जिला परियोजना समन्वयकों को सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
HIGHLIGHTS
- शिक्षा विभाग की आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्ट में जीएसटी और टीडीएस कटौती में बड़ी कमियां पाई गई हैं।
- कैशबुक, स्टॉक एंट्री और टेंडर प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर जिला समन्वयकों को निर्देश जारी।
- यात्रा भत्ते के अधिक भुगतान और बिजली-टेलीफोन बिलों के समय पर भुगतान न होने पर जताई नाराजगी।
- आरटीपीपी अधिनियम 2012 के तहत खरीद प्रक्रिया पूरी करने और अभिलेख अद्यतन रखने के सख्त आदेश।
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आंतरिक अंकेक्षण में मिलीं गंभीर खामियां
शिक्षा विभाग की हालिया आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्ट में कई स्तरों पर वित्तीय अनुशासन की कमी पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, विभाग में जीएसटी और टीडीएस कटौती में नियमानुसार कमी देखी गई है।
इसके साथ ही कैशबुक संधारण में भी कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। ऑडिट के दौरान स्टॉक एंट्री का अभाव और अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण में भारी लापरवाही भी दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यात्रा भत्ते का अधिक भुगतान किया गया है। इसके अलावा, सरकारी वाहनों की लॉगबुक का सही तरीके से संधारण नहीं किया जा रहा है।
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भुगतान और निविदा प्रक्रिया में लापरवाही
अंकेक्षण के दौरान बिजली और टेलीफोन बिलों के समय पर भुगतान न होने का मामला भी प्रकाश में आया है। इससे विभाग पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने की संभावना रहती है।
निविदा (टेंडर) और भुगतान प्रक्रिया में भी कई प्रकार की कमियां पाई गई हैं। इन सभी बिंदुओं को विभाग ने वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखते हुए सुधार की प्रक्रिया शुरू की है।
जिला परियोजना समन्वयकों को सख्त निर्देश
इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए समस्त अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कार्यालयों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें बिलों से नियमानुसार कटौती करने को कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार, अब सभी बिलों से जीएसटी, टीडीएस और आयकर की कटौती समय पर सुनिश्चित करनी होगी। इसमें किसी भी प्रकार की देरी के लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
अभिलेखों का अद्यतन संधारण अनिवार्य
विभाग ने सभी कार्यालयों को अपने अभिलेख अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित रजिस्टरों का उल्लेख किया गया है:
- कैशबुक और बिल रजिस्टर का सही संधारण।
- चेक निर्गमन रजिस्टर को अपडेट रखना।
- भंडार एवं निविदा रजिस्टर का नियमित रखरखाव।
- सभी वित्तीय अभिलेखों को अद्यतन स्थिति में रखना।
आरटीपीपी अधिनियम का पालन सुनिश्चित हो
खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए आरटीपीपी अधिनियम 2012 एवं नियम 2013 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की खरीद इसी अधिनियम के तहत होनी चाहिए।
अनुपयोगी सामग्री के निस्तारण के लिए भी नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है। यात्रा भत्ते के अधिक भुगतान को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशि केवल स्वीकृत मद के अनुरूप ही खर्च की जानी चाहिए। मद परिवर्तन या अनाधिकृत खर्च को वित्तीय अनुशासनहीनता माना जाएगा।
अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश
सभी अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयकों को आंतरिक अंकेक्षण रिपोर्टों की अनुपालना रिपोर्ट तैयार करनी होगी। यह रिपोर्ट समय पर परिषद को प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस कदम का उद्देश्य विभाग में वित्तीय पारदर्शिता लाना और भविष्य में होने वाली ऑडिट आपत्तियों को कम करना है। सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना होगा।
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