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राजस्थान

130 अभियोगों में जब्तशुदा माल का हुआ निस्तारण: बीकानेर पुलिस का एक्शन: 3 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स नष्ट

महेन्द्रसिंह शेखावत

ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में 130 मामलों में जब्त करोड़ों के अवैध मादक पदार्थ नष्ट किए गए।

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HIGHLIGHTS

  • 3.21 करोड़ रुपये के अवैध मादक पदार्थ नष्ट किए गए।
  • 130 विभिन्न आपराधिक मामलों से संबंधित जब्तशुदा माल का निस्तारण हुआ।
  • नष्ट किए गए पदार्थों में 2013 किलो डोडा पोस्त, गांजा और स्मैक शामिल थे।
  • कार्रवाई एसपी मृदुल कच्छावा की देखरेख में ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी द्वारा की गई।
bikaner police destroy drugs worth over 3 crore in 130 cases

बीकानेर | बीकानेर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस द्वारा गठित ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में, 130 विभिन्न आपराधिक मामलों में जब्त किए गए करोड़ों रुपये के अवैध मादक पदार्थों को विधि-विधान से नष्ट कर दिया गया है।

 

नशे के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन'

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अभियान क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुलिस लंबे समय से इन मामलों पर नजर रख रही थी।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों का कुल अनुमानित मूल्य 3 करोड़ 21 लाख 36 हजार 275 रुपये आंका गया है। यह बीकानेर पुलिस द्वारा हाल के दिनों में की गई सबसे बड़ी नष्टीकरण कार्रवाइयों में से एक है।

विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ शामिल

इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में जब्तशुदा नशीले पदार्थों का निस्तारण किया गया। इसमें मुख्य रूप से 2013 किलोग्राम डोडा पोस्त शामिल था, जो क्षेत्र में नशे का एक प्रमुख स्रोत है।

इसके अलावा, 10.767 किलोग्राम गांजा, 302.73 ग्राम एम.डी. (मेफेड्रोन), और 343.54 ग्राम स्मैक को भी नष्ट किया गया। ये सभी अत्यधिक नशीले और खतरनाक पदार्थ हैं, जो युवाओं को निशाना बनाते हैं।

पुलिस ने 54.83 ग्राम एमडीएमए और 59 नशीली गोलियों को भी नष्ट किया। इन पदार्थों की छोटी मात्रा भी समाज के लिए एक बड़ा खतरा पैदा करती है।

पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने कहा, "हमारी टीम नशे के नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक स्पष्ट संदेश है जो इस अवैध व्यापार में शामिल हैं।"

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी हुई प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के सदस्यों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना था।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) चकवर्ती सिंह राठौड़ और सीआई सुभाष बिजारणियां सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति ने प्रक्रिया की गंभीरता को और बढ़ा दिया।

यह कार्रवाई न केवल जब्त किए गए माल का निस्तारण है, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक संदेश भी देती है। पुलिस प्रशासन नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई कोताही नहीं बरत रहा है।

इस सफल अभियान से नशा तस्करों के नेटवर्क को आर्थिक रूप से भी बड़ी चोट पहुंची है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी ताकि युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बचाया जा सके।

*Edit with Google AI Studio

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