बीकानेर |माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी विद्यालयों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब विद्यालयी शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रमों में घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता दी जाएगी। यह फैसला प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन से निकले राष्ट्रीय जनादेश के अनुरूप लिया गया है।
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा: स्कूली शैक्षिक भ्रमण में घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को शैक्षिक भ्रमण में घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को एक उपयुक्त स्थल बताया गया है।
HIGHLIGHTS
- माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शैक्षिक भ्रमणों में घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
- यह निर्देश प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुए मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद आया है।
- भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय विद्यार्थियों के माध्यम से घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाना चाहता है।
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को अध्ययन यात्राओं के लिए एक जीवंत शिक्षण स्थल बताया गया है।
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घरेलू पर्यटन पर जोर
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. राम गोपाल शर्मा ने इस संबंध में प्रदेश के समस्त सम्भागीय संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय विद्यार्थियों और युवा प्रतिनिधिमंडलों के संगठित भ्रमण के माध्यम से घरेलू पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करने पर जोर दे रहा है।
अंडमान-निकोबार एक आदर्श स्थल
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इसी क्रम में, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को विद्यार्थियों के लिए एक जीवंत शिक्षण स्थल के रूप में पहचाना गया है। इसे अध्ययन यात्राओं के लिए एक बहुत उपयुक्त स्थान माना गया है, जहाँ छात्र प्रकृति और इतिहास से बहुत कुछ सीख सकते हैं।
निदेशालय के स्पष्ट निर्देश
निदेशालय ने सभी संयुक्त निदेशकों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में जब भी विद्यालयी शैक्षिक भ्रमणों के लिए क्षेत्रों का चयन किया जाए, तो घरेलू पर्यटन स्थलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
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