नई दिल्ली | भीषण गर्मी के इस मौसम में तरबूज शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है। हालांकि, बाजार से कटा हुआ तरबूज खरीदना या घर पर लंबे समय तक कटा हुआ फल रखना जोखिम भरा हो सकता है।
कटे तरबूज को स्टोर करने के नियम: सावधान! कटा हुआ तरबूज बन सकता है जहर, जानें सही नियम
गर्मियों में कटे हुए तरबूज को स्टोर करने में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। जानें विशेषज्ञों की राय।
HIGHLIGHTS
- कटे हुए तरबूज में साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।
- तरबूज को काटने से पहले उसके बाहरी छिलके को अच्छी तरह धोना अनिवार्य है।
- कटे हुए फल को हमेशा 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर स्टोर करें।
- विशेषज्ञों के अनुसार कटे तरबूज को 24 से 48 घंटों के भीतर खा लेना चाहिए।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तरबूज में मौजूद प्राकृतिक शुगर और पानी की अधिक मात्रा बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। यदि इसे सही तापमान पर न रखा जाए, तो यह जहर बन सकता है।
बैक्टीरिया का खतरा और स्वास्थ्य पर प्रभाव
जब हम तरबूज को काटते हैं, तो इसका आंतरिक हिस्सा हवा और बाहरी सतहों के संपर्क में आता है। गर्मियों में उच्च तापमान और नमी के कारण साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया इसमें तेजी से बढ़ने लगते हैं।
लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया भी कटे हुए फलों पर हमला कर सकते हैं। इनके सेवन से पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। डिहाइड्रेशन का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
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विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को कटे हुए फलों के सेवन में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। बाजार में खुले में बिकने वाले तरबूज से बचना चाहिए।
स्टोरेज के लिए अपनाएं ये जरूरी नियम
डाइटिशियन सलाह देते हैं कि कटे हुए तरबूज को कभी भी कमरे के तापमान पर नहीं छोड़ना चाहिए। इसे हमेशा एक एयरटाइट कंटेनर में बंद करके ही फ्रिज के अंदर रखना चाहिए ताकि बाहरी हवा न लगे।
फ्रिज का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज को काटने के 24 से 48 घंटों के भीतर खा लेना सबसे सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।
"गर्मियों में भोजन की स्वच्छता सर्वोपरि है। कटे हुए फलों को असुरक्षित रखना सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग को निमंत्रण देना है। हमेशा ताजा फल ही काटने और खाने का प्रयास करें।"
काटने से पहले बरतें ये सावधानियां
अक्सर लोग तरबूज को सीधे काटकर खाने लगते हैं, जो एक बड़ी गलती है। तरबूज के मोटे छिलके पर धूल, मिट्टी और हानिकारक बैक्टीरिया चिपके हो सकते हैं। चाकू चलाने पर ये बैक्टीरिया अंदर पहुंच जाते हैं।
तरबूज को काटने से पहले उसे बहते साफ पानी से अच्छी तरह रगड़कर धोना चाहिए। इसके अलावा, जिस चाकू और कटिंग बोर्ड का आप उपयोग कर रहे हैं, उनका पूरी तरह से साफ होना भी अनिवार्य है।
गर्मियों में फूड हाइजीन का पालन करना केवल एक अच्छी आदत नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की आवश्यकता है। बासी या कई घंटों से कटे हुए फलों का त्याग करें। सुरक्षित खान-पान ही आपको मौसमी बीमारियों से बचा सकता है।
अंततः, तरबूज के फायदों का आनंद लेने के लिए उसकी ताजगी और स्वच्छता से समझौता न करें। सही तरीके से स्टोर किया गया फल ही आपको जरूरी पोषण और ठंडक प्रदान कर सकता है। सतर्क रहें और स्वस्थ रहें।
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