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राजस्थान

स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत: स्वच्छ भारत मिशन पोस्टर के नीचे कचरे का ढेर, गायें खा रहीं प्लास्टिक

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

माउंट आबू में स्वच्छ भारत मिशन के पोस्टर के नीचे गंदगी का अंबार लगा है। गायें प्लास्टिक और कूड़ा खाने को मजबूर हैं, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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HIGHLIGHTS

  • माउंट आबू में स्वच्छ भारत मिशन पोस्टर के नीचे कचरे का ढेर।
  • गायें प्लास्टिक और गंदगी खाने को मजबूर, स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा।
  • 5 महीने पहले ब्रांड एंबेसडर ने दिए थे सफाई के कड़े निर्देश।
  • नगर पालिका आयुक्त ने निरीक्षण और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
garbage pile under swachh bharat mission poster mount abu cows eating plastic

माउंट आबू | पर्यटन स्थल माउंट आबू में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। यहां स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर केके  गुप्ता के पोस्टर के ठीक नीचे गंदगी का अंबार लगा है, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

स्वच्छता अभियान का उड़ाया जा रहा मखौल

तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि कैसे स्वच्छता के संदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

जिस पोस्टर पर स्वच्छ भारत मिशन का संदेश लिखा है, उसी के नीचे कूड़े-करकट का ढेर लगा हुआ है। यह दृश्य प्रशासन और स्वच्छता व्यवस्था का मखौल उड़ाता हुआ प्रतीत होता है।

ब्रांड एंबेसडर के निर्देशों की घोर अनदेखी

करीब 5 महीने पहले राजस्थान सरकार ने के. गुप्ता को स्वच्छ भारत मिशन का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया था।

उन्होंने माउंट आबू में बैठक कर अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष निगरानी रखने के कड़े निर्देश दिए थे।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक कहीं भी गंदगी नहीं दिखनी चाहिए।

लेकिन उनके सारे निर्देश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं, जिसका जीता-जागता प्रमाण यह कचरे का ढेर है।

गौवंश के जीवन से खिलवाड़

इस कचरे के ढेर पर दर्जनों गायें बैठी रहती हैं और अपनी भूख मिटाने के लिए प्लास्टिक और गंदगी खाती हैं।

यह स्थिति न केवल स्वच्छता अभियान पर सवाल उठाती है, बल्कि 'गौ माता' के संरक्षण के दावों को भी खोखला साबित करती है।

गंभीर बीमारियों का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक और गंदगी खाने से गायों के पेट में ट्यूमर और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

इससे उनकी जान भी जा सकती है। ऐसे में यह एक गंभीर लापरवाही का मामला है, जो बेजुबान जानवरों के जीवन को खतरे में डाल रहा है।

पूरे शहर में गंदगी का आलम

यह समस्या सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं है। पूरे शहर का भ्रमण करने पर कई जगहों पर कचरे के ढेर पाए गए।

इन स्थानों पर भी गौवंश के साथ-साथ अन्य पालतू पशु गंदगी खाते हुए नजर आए।

इससे पता चलता है कि शहर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

नगर पालिका आयुक्त ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

इस मामले पर जब नगर पालिका आयुक्त रामकिशोर मेहता से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने स्थिति को स्वीकार किया।

उन्होंने बताया कि वे आज ही जमादार को पूरे शहर का निरीक्षण करने और सफाई सुनिश्चित करने के लिए पाबंद कर रहे हैं।

साथ ही, उन्होंने कहा कि लंच के बाद वे स्वयं भी शहर का चक्कर लगाकर स्थिति का जायजा लेंगे।

आयुक्त ने आश्वासन दिया कि जहां भी सफाई व्यवस्था में कमी पाई जाएगी, वहां संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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