गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बाजारों में आमों की बहार आ जाती है। लोग बड़े चाव से फलों के राजा का आनंद लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में बिकने वाले सुंदर और पीले आम आपकी सेहत के लिए जहर भी हो सकते हैं?
केमिकल वाले आमों की पहचान: सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे जहरीले आम? एक्सपर्ट से जानें केमिकल से पके आमों को पहचानने के आसान तरीके
गर्मियों के मौसम में बाजार में बिकने वाले आम सेहत के लिए खतरनाक हो सकते हैं। डॉ. बी.पी.एस. त्यागी ने केमिकल से पके आमों को पहचानने और उनसे होने वाले गंभीर रोगों जैसे कैंसर से बचाव के तरीके बताए हैं।
HIGHLIGHTS
- कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से पके आम सेहत के लिए बेहद खतरनाक और जहरीले हो सकते हैं।
- केमिकल से पके आमों पर पानी से धोने के बाद भी काले धब्बे साफ नहीं होते हैं।
- इन जहरीले आमों के सेवन से कैंसर और फेफड़ों की गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।
- प्राकृतिक रूप से पके आमों के दाग छिलके का हिस्सा होते हैं, जो रसायनों की तरह नहीं दिखते।
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मुनाफे के लिए केमिकल का खेल
व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए आमों को समय से पहले पकाने के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करते हैं। हर्ष ईएनटी अस्पताल के डॉक्टर प्रोफेसर बी.पी.एस. त्यागी के अनुसार, इन रसायनों का सेवन शरीर के लिए अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया कि केमिकल से पके आमों को पहचानना वैसे तो थोड़ा मुश्किल है, लेकिन कुछ सावधानियों से आप असली और नकली का फर्क आसानी से समझ सकते हैं।
काले धब्बों से करें पहचान
अगर आप बाजार से लाए आम को पानी से अच्छी तरह धोते हैं और फिर भी उस पर मौजूद काले धब्बे साफ नहीं होते, तो पूरी तरह सावधान हो जाएं। डॉ. त्यागी बताते हैं कि यह इस बात का पक्का संकेत है कि आम को प्राकृतिक तरीके से नहीं बल्कि हानिकारक केमिकल से पकाया गया है। प्राकृतिक रूप से पके आम के दाग उसके छिलके का स्वाभाविक हिस्सा होते हैं। वे रसायनों की तरह बाहरी परत पर जमे हुए नहीं दिखते। ऐसे आमों को खरीदने से बचना ही आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए समझदारी है।
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सेहत पर गंभीर खतरे
आम पकाने में अक्सर कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। यह रसायन जब नमी के संपर्क में आता है, तो एसिटिलीन गैस छोड़ता है। यह गैस हमारे शरीर के लिए किसी धीमे जहर से कम नहीं है। इसके प्रभाव से शरीर में कार्सिनोजेनिक तत्व बन सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, ये जहरीले रसायन हमारे शरीर के नाजुक हार्मोनल संतुलन को भी पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं।
फेफड़ों को पहुंचता है नुकसान
इन रसायनों से पके आमों का सेवन सीधे तौर पर आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। सांस लेने में तकलीफ और अन्य एलर्जी की समस्याएं भी इन जहरीले फलों के कारण आम हो गई हैं। इसलिए, फल खरीदते समय केवल उनकी बाहरी चमक और सुंदरता पर न जाएं। स्वाद के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। हमेशा प्राकृतिक रूप से पके फलों को प्राथमिकता दें और स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं।
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