जालोर | जालोर जिले के भीनमाल क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आधुनिक समाज में सामाजिक रूढ़िवादिता के काले चेहरे को उजागर करती है। यहां एक परिवार की खुशियों पर कथित पंचायत के तुगलकी फरमान का ग्रहण लग गया है।
पंचायत का खौफ: शादी में पसरा सन्नाटा: जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान: लिव-इन रिलेशनशिप के कारण पूरे परिवार का बहिष्कार, शादी की बिंदौरी में नहीं आया कोई ग्रामीण
जालोर के भीनमाल में एक पंचायत के फरमान ने शादी वाले घर की खुशियों को मातम जैसी शांति में बदल दिया है। भतीजे के लिव-इन रिलेशनशिप की सजा पूरे परिवार को भुगतनी पड़ रही है, जहां गांव वालों को शादी में आने पर पाबंदी लगा दी गई है।
HIGHLIGHTS
- जालोर के भीनमाल में पंचायत ने एक परिवार का हुक्का-पानी बंद कर सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।
- भतीजे के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के कारण परिवार पर 31 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
- पंचों के खौफ से गांव का कोई भी व्यक्ति शादी समारोह और बिंदौरी में शामिल होने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
- पीड़ित परिवार ने मेहंदी रचे हाथों के साथ थाने पहुंचकर पंचों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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शादी के घर में पसरा सन्नाटा
भीनमाल के एक गांव में रहने वाले परिवार में 20 अप्रैल को दो बहनों और 21 अप्रैल को भाई की शादी होनी है। घर में उत्सव का माहौल होना चाहिए था, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
शादी की रस्मों के तहत बिंदौरी निकाली जानी थी, लेकिन गांव का एक भी व्यक्ति इस आयोजन में शामिल नहीं हुआ। शादी के लिए लगाए गए टेंट और कुर्सियां पूरी तरह खाली नजर आ रहे हैं।
लिव-इन रिलेशनशिप बना बहिष्कार की वजह
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इस पूरे विवाद की जड़ परिवार के एक भतीजे का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना है। यह मामला पिछले साल 26 अगस्त से शुरू हुआ था, जिसे आधार बनाकर पंचायत ने परिवार को निशाना बनाया।
कथित पंचों ने बैठक बुलाकर निर्णय लिया कि इस परिवार का समाज से पूरी तरह बहिष्कार किया जाएगा। जो भी ग्रामीण इस परिवार की शादी में शामिल होगा, उसे भी समाज से बाहर कर दिया जाएगा।
31 लाख का जुर्माना और धमकियां
पंचायत ने परिवार पर 31 लाख रुपये का भारी आर्थिक दंड लगाया है। इतना ही नहीं, भतीजे का सहयोग करने के आरोप में उसके बहनोई पर भी 4 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि समरथाराम, दीपाराम, बाबुलाल और जगदीश जैसे पंच उन पर पुराना मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं।
मेहंदी रचे हाथों से थाने पहुंची बहनें
जब गांव का कोई भी व्यक्ति बिंदौरी में नहीं आया, तो भाई-बहन अपने हाथों की मेहंदी और शादी का कार्ड लेकर भीनमाल थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और पंचों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का कहना है कि पंचों के डर से लोग उनके घर आने से कतरा रहे हैं। भीनमाल थाना अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और डीएसपी शंकरलाल मंसूरिया इसकी जांच कर रहे हैं।
सामाजिक न्याय पर उठते सवाल
यह घटना दर्शाती है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में स्वयंभू पंचों का किस कदर खौफ है। एक व्यक्ति के निजी फैसले की सजा पूरे परिवार को देना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
पुलिस प्रशासन अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कह रहा है। लेकिन देखना यह होगा कि क्या यह परिवार अपनी शादी की रस्मों को बिना किसी डर के पूरा कर पाएगा या नहीं।
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